आबूरोड. दानवाव स्थित एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल (राजकीय जनजाति आवासीय विद्यालय) पिछले कईदिनों से पानी की समस्या से जूझ रहा है। स्कूल में करीब 420 आदिवासी छात्र अध्ययनरत है, इसके बावजूद जलदाय विभाग की ओर से पेयजल समस्या के निराकरणपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में पेयजल समस्या को दूर करने के लिएविभाग कीओर से करीब २४ लाख का बजट स्वीकृत किया गया था। जिसके लिए २२.५ लाख रुपए का भुगतान जलदाय विभाग को किया गया था। जिसमें आकराभट्टा में किएगएबोरिंग से स्कूल परिसर में बनवाई गई नवनिर्मित टंकी तक पाइपलाइन बिछाना शामिल था। कार्य पूरा होने व टंकी व ओवरहेड टंकी में एक-दो बार पानी भरने के बाद ही बोरिंग से पानी आना बंद हो गया। नतीजतन स्कूल गत एक सप्ताह से पेयजल समस्या से जूझ रहा है।जिस पर स्कूल प्रशासन ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की। अब तक विभाग की ओर से परिसर में बनाईगईटंकी को हैंडओवर नहीं किया गया।
टैंकर डलवाकर चला रहे काम
पूर्वमेें स्कूल में एक अन्य बोरिंग पेयजल के लिए करवाया गयाथा, लेकिन उसमें भी पानी बंद होने पर आकराभट्टा में जलदाय विभाग द्वारा बोरिंग करवाया गया, लेकिन अब उससे भी पानी नहीं मिलने पर स्कूल में पेयजल की किल्लत होने लगी। इस पर स्कूल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिएटैंकर डलवाएजा रहे हैं।
एक हैंडपम्प भी है खराब
स्कूल में छात्रों के नहाने, कपड़े धोने व अन्य कार्य के लिएभी पानी की आवश्यकता रहती है। स्कूल परिसर में चार हैंडपम्प है, लेकिन इसमें भी एक हैंडपम्प कई दिनों से खराब पड़ा है। स्कूल प्रशासन ने क्षतिग्रस्त हैंडपम्प को ठीक करवाने के लिएभी विभाग को अवगत करवाया था, लेकिन अब तक हैंडपम्प
इन्होंने बताया ...
निराकरण नहीं होने पर उच्चाधिकारियों को करेंगे अवगत ...
पानी के लिए करीब साढ़े बाइस लाख रुपएका भुगतान जलदाय विभाग को किया गया था। जिस पर विभाग द्वारा टंकी निर्माण व आकराभट्टा में बोरिंग कर पानी शुरू किया गया, पर कुछ दिनों बाद ही बोरिंग से पानी बंद हो गया।वैकल्पिक व्यवस्था के लिएकुछ दिन से टैंकर डलवाकर काम चला रहे हैं।अधिकारियों को कई बार अवगत करवा दिया है। समस्या का निराकरण नहीं होने पर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
- भबूतमल, प्रधानाचार्य, राजकीय जनजाति आवासीय विद्यालय, दानवाव आबूरोड.
अतिरिक्त बजट होने पर करवाएंगे कार्य
जितना बजट प्रदान किया गया था विभाग की ओर से उतना कार्य करवा दिया गया था।बारिश कम होने से बोरिंग सूख गया। अब अन्यत्र बोरिंग करवाने के लिएटीएडी की ओर से अतिरिक्त बजट प्रदान करने पर ही कार्य हो सकता है।
- हेमंत गोयल, एईएन, जलदाय विभाग आबूरोड.





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