पाली. विधानसभा चुनाव में फेक न्यूज से मतदाता प्रभावित नहीं हो और फेक न्यूज पर लगाम लग सके। इसे लेकर राजस्थान पत्रिका और फेसबुक की ओर से चलाए जा रहे शुद्ध का युद्ध अभियान के तहत शनिवार को रजत नगर स्थित गणेश विद्या मंदिर स्कूल में बैठक हुई। इसमें क्षेत्रवासियों के साथ शहर के प्रबुद्धजनों ने फेक न्यूज के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प करते हुए अपनी बात रखी। शहरवासियों का कहना था कि किसी भी संदेश को फोरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता परख लेनी चाहिए। यदि कोई समाचार या तथ्य गलत चल रहा है तो उसके नीचे लिख भी देना चाहिए। जिससे उसे आगे चलने से रोका जा सके। उनका कहना था चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाने के लिए गलत तथ्यों को रखा जा रहा है। उन तथ्यों की सच्चाई पर विचार करने के बाद ही हर व्यक्ति को मतदान करना चाहिए। जिससे स्वच्छ, साफ और ईमानदार व्यक्ति का चयन हो सके।
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यह बातें उभर कर आई सामने
-विजयराज सोनी : हर संदेश की सत्यता को परखना चाहिए। इसके बाद ही उसे आगे बढ़ाना चाहिए। फेक न्यूज के प्रभाव में नहीं आना चाहिए।
-अशोक जोशी : गलत संदेश भेजने या फोरवर्ड करने पर उसका भुगतान हमें ही करना पड़ता है। कई बाद पुराने वीडियो आदि शेयर होते है। जिनसे भ्रम होता है।
-रामसिंह गोहिल : सरकारी योजनाओं को लेकर भी फेक न्यूज आती है। किसी योजना के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी आने पर पहले सरकारी कार्यालयों से पता करना चाहिए।
-परमेश्वर शर्मा : राजनीति में फेक न्यूज काफी चलती है। यह राजनीतिक दावं-पेच का तरीका भी है। इसलिए ऐसे समाचारों को समझने व परखने के बाद निर्णय करना चाहिए।
-जयशंकर त्रिवेदी : पत्रिका का यह अभियान सराहनीय है। सोशल मीडिया पर कोई फेक न्यूज लगे तो उसके नीचे फेक न्यूज लिख देना चाहिए। इससे लोग उसकी सत्यता परखने की पहल करेंगे।
-राजेन्द्रसिंह भाटी : सोशल मीडिया पर सही लगने वाले जरूरी संदेश को ही आगे बढ़ाना चाहिए।
-सुदर्शन सिंह : राजस्थान पत्रिका जन सामान्य को जागरूक करने का कार्य कर रही है। कोई भी समाचार फेक लगने पर उसे फोरवर्ड नहीं करना चाहिए।
-तृप्ति चतुर्वेदी : पत्रिका का शुद्ध का युद्ध अभियान सराहनीय है। हर व्यक्ति को जीवन में यह अभियान अंगीकार करना चाहिए। सोशल मीडिया के हर समाचार की सत्यता परखनी चाहिए।
-अनिल चौहान : सोशल मीडिया से बिना खर्च प्रचार किया जा सकता है। इसी का परिणाम फेक न्यूज के रूप में सामने आता है। अभी लोग टिकट नहीं मिलने पर भी बार-बार फेक न्यूज चला रहे है।
-परमेश्वर जोशी : हमें हर संदेश को सोच-समझकर ही फोरवर्ड करना चाहिए। किसी भी संदेश को भेजने पर उस पर दिनांक लगाने का नया ऑप्शन मिलना चाहिए। इससे पुराने संदेश को रोका जा सकेगा।
-पूरणप्रकाश निम्बार्क : गलत प्रचार नहीं करना चाहिए। संदशों के प्रति जागरूक होकर ध्यान देना होगा।
-प्रवीण उपाध्याय : हर संदेश के बारे में सोच-विचार करना जरूरी है। फेक न्यूज के प्रति हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा।
-बलवीर सीरवी : सोशल मीडिया पर फेक संदेश से कई बार मोबाइल व बैंक खाते आदि हैक कर लिए जाते है। इस कारण हर संदेश पर पहले विचार करने के बाद उसे आगे बढ़ाना चाहिए। उस पर क्लिक भी नहीं करना चाहिए।





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