जहाजपुर।
सैनिकों की नगरी के रूप में अलग पहचान बनाने वाला जहाजपुर अब भी विकास से कोसों दूर है। क्षेत्र में समस्याएं चुनावी साल में भी समाधान नहीं पा सकी हैं। यहां बनास नदी अवैध खनन व बजरी के दोहन में उलझी हुई है, तो अतिक्रमण की बाढ़ ने भी बहाव क्षेत्र को रोक रखा है। ऐसे में किसानों की परेशानियां बनी हुई हैं।
राजस्थान पत्रिका के जन एजेंडा-2018 के तहत शुक्रवार को यह जन पीड़ा उभरी। यहां बस स्टैंड क्षेत्र में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों ने बताया कि सैनिकों के लिए सरकार कुछ नहीं कर सकी। भूमि आवंटन हुआ, लेकिन कागजों में रह गया। इसी प्रकार जिले में सैनिकों के लिए भी अलग से बड़ा चिकित्सालय नहीं है। जहाजपुर में राजकीय कॉलेज खोलने व सरकारी कार्यालयों में पर्याप्त स्टाफ लगाने, अवैध खनन पर रोक, खनिज विभाग की उप शाखा जहाजपुर में खोलने, प्राचीन धरोहर का संरक्षण करने, नागदी नदी को प्रदूषण व अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए पर्यटन टॉस्क फोर्स गठित करने की मांग की गई।
दी झूठी खबरों से बचने की जानकारी
राजस्थान पत्रिका और फेसबुक के साझा अभियान शुद्ध का युद्ध अभियान के तहत जहाजपुर के जागरूक लोगों ने जाना कि किस तरह से फेक न्यूज से सोशल मीडिया पर बचा जा सकता है। यूजर्स को बताया गया कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज कई मौकों पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकती है। लोगों को शुद्ध का युद्ध अभियान की डॉक्यूमेंट्री के जरिए फेक न्यूज से सावधान रहने के तरीके बताए गए।
7 दिसंबर को करेंगे मतदान
राजस्थान पत्रिका के जागो जनमत अभियान के तहत जहाजपुर में बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों को मतदान के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलवाई गई। यहां रिटायर्ड थानेदार रामदेव सोयल की अगुवाई में लोगों ने 7 दिसंबर को मतदान करने की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने संकल्प लिया कि वह क्षेत्र में मतदान के लिए रिश्तेदार परिजन व आस पड़ोस को भी प्रेरित करेंगे।
ये थे मौजूद
जहाजपुर नवयुवक कला मंडल संस्थान अध्यक्ष अनिल सोनी, सत्येंद्र कांटिया, प्रशांत नागौरी, पूर्व थानेदार रामदेव सोयल, दुर्गालाल खटीक, राकेशकुमार मीणा, महावीरप्रसाद कीर, मुकेश, रामचंद्र शेखर, लक्ष्मीनारायण माली, दुर्गालाल खटीक, अशोककुमार सेन, कैलाश सैनी, मुरलीधर महावर आदि उपस्थित थे।





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