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धर्मक्रांति के अग्रदूत थे आचार्य तुलसी

सवाईमाधोपुर. आदर्श नगर अणुव्रत भवन में शुक्रवार को साध्वी कमलप्रभा के सानिध्य में आचार्य तुलसी की 105वीं जयंती अणुव्रत दिवस के रूप में मनाई गई। मुख्य अतिथि रतन लाल जैन थे। अध्यक्षता रामेश्वर प्रसाद जैन ने की। विशिष्ट अतिथि प्रकाश जैन थे। इस अवसर पर आचार्य तुलसी की कृति की प्रतियोगिता हुई। इसमें निर्णायक अशोक सिंहल व रेणु सिंहल थे। प्रतिभागियों ने आचार्य तुलसी की सुंदर कृतियां बनाई। इसमें प्रथम वैभव जैन, द्वितीय मोना जैन व भारती जैन व तृतीय मुदित जैन रहे। सभाध्यक्ष अनिल कुमार जैन ने सभी अतिथियों व निर्णायकों का अभिनन्दन किया। सभी अतिथियों व वक्ताओं ने आचार्य तुलसी के जीवन पर जानकारी दी। साध्वी आरोग्य यशा, शताब्दी प्रभा व जगतयशा ने गीतिका प्रस्तुत की। महिला मंडल कन्या मण्डल व ज्ञान शाला के बच्चों ने नाटक के माध्यम से व्यसन मुक्त होने की प्रेरणा दी। साध्वी कमलप्रभा ने आचार्य तुलसी को धर्मक्रांति का महान पुरोधा बताया। इस अवसर पर साध्वी प्रियदर्शना, युवक परिषद अध्यक्ष नवीन जैन आदि मौजूद थे।


सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में बुधवार को जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के निर्वाणोत्सव एवं गौतम स्वामी का केवल्य ज्ञान महोत्सव सुकुमालनंदी ससंघ के सानिध्य में मनाया गया। इस दौरान नगर के जिनालयों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। साथ ही चमत्कारजी परिसर में निर्मित कृत्रिम पद्म सरोवर कूट की रचना आकर्षण का केन्द्र रही। समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत चमत्कारजी में सुबह जिनेन्द्रदेव के अभिषेक व शांतिधारा के साथ हुई। मोक्ष कल्याणक के रूप में पूजन के दौरान 24 किलो का मुख्य निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दी। भगवान की मंगल आरती की।


भगवान महावीर के चढ़ाया निर्वाण लड्डू अखिल भारत वर्षीय सुकुमाल एकता मंच के तत्वावधान
भगवतगढ़. कस्बे में स्थित श्रीदिगम्बर जैन मंदिर में गुरुवार को अखिल भारत वर्षीय सुकुमाल एकता मंच के तत्वावधान में भगवान महावीर को निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। सुकुमाल एकता मंच के अध्यक्ष शुभम जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान जिनेन्द्र देव के अभिषेक से हुई। इसके बाद शांति धारा हुई। इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष नाथूलाल जैन, कन्हैया लाल, किस्तूर चन्द जैन, दिनेश जैन, मोहनलाल, ज्ञानचंद, दिनेश मंडीवाले, शिखरचंद, देवकरण सहित दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे।



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