चार दिन निजर्ला महिलाओं ने सूर्याेदय को अध्र्य देकर छोड़ा व्रत
जसदेर तालाब में महिलाओं ने सूर्य को लिया अध्र्य
महिलाएं पति की रक्षा और पुत्र की कामना के लिए रखती यह व्रत
बाड़मेर के जसदेर तालाब पर मंगलवार को यूपी, बिहार, झारखण्ड, बंगाल आदि राज्यों के लोगों ने अस्त होते हुए सूयज़् को अध्यज़् देकर छठ पूजा की।
ये लोग बाड़़मेर में जेएसडब्लू, एसडब्लूएमएल, आमीज़्, आरएसएमएम में नौकरी करते है।
छठ पूजा का वतज़् पति की रक्षा और पुत्र की प्राप्ति के लिए महिलाओं द्वारा रखा जाता है। यह चार दिन तक त्यौहार रहता है। चार दिनों तक महिलाएं बिना कुछ खाए पीए रहती है। और चार दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम होते है। अंतिम दिन उगते हुए सर्य को अध्र्य देकर महिलाए व्रत छोड़ती है।इस पर्व को प्राकृतिक स्वच्छता के साथ मनाया जाता है। इस पवज़् को सुनीता कुमारी गुप्ता पिछले 20 सालों से बाड़मेर में मना रही है वे इस पवज़् कहती है कि यह कातिज़्क शुक्ल पक्ष छठी को मनाया जाता है। यह उत्तरप्रदेश और बिहार का मुख्य त्यौहार है। इस त्यौहार को समापन उठगते हुए सूयज़् को अध्यज़् देकर होता है।ये लोग बाड़़मेर में जेएसडब्लू, एसडब्लूएमएल, आमीज़्, आरएसएमएम में नौकरी करते है।





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