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मौसम की मार, हर घर बुखार

बीकानेर. बदलते मौसम के साथ पीबीएम एवं जिला अस्पताल के मेडिसिन आउटडोर में मरीजों की संख्या लगातार भीड़ बढ़ रही है। मेडिसिन वार्डों में बुखार के मरीजों की भरमार है। हालात यह है कि मरीजों के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। उन्हें जमीन पर लिटाया जा रहा है। मौसम की मार सर्वाधिक बच्चे, बूढ़े एवं महिलाओं पर पड़ रही है। सर्दी-खंसी जुकाम के अलावा डेंगू के मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक ५२७ डेंगू के मरीज सामने आए हैं। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक इनमें से
नौ की मौत हो चुकी है, जबकि डेंगू वास्तव में १२ जिंदगियां लील चुका है।

 

इन्द्रा कॉलोनी में कहर
इन्द्रा कॉलोनी में बुखार पीडि़तों की संख्या सर्वाधिक है। यहां हर घर में व्यक्ति बुखार से पीडि़त हैं। हालात विकट होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में कई बार क्षेत्र में फोगिंग कराने के लिए गुहार कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

 

यहां इतने बीमार
इन्द्रा कॉलोनी में कृष्णा थापा, लक्ष्मी कंवर (३), हेत कंवर (६), नरपतसिंह (१३), आर्युवद्र्धनसिंह (१२), माहिरा मांगलिया (५), डॉ. भगवानसिंह, महेन्द्रसिंह पडि़हार, सुरेन्द्रसिंह पडि़हार, पुखराज सिंह (८), हर्षवर्धनङ्क्षसह (११), सरोज कंवर, तेजाराम, धर्माराम, नरेन्द्रसिंह, एलिजा कोहरी (१४), हरिराम नाई, संजय नाई, जयश्री, रितिका (१०), लक्ष्मी (१८), गायत्री, मुकेश, धीरज, ऊषा, बजरंगसिंह व गिरधारी नाई आदि बुखार से पीडि़त हैं। इनके प्लेटलेट्स कम की शिकायत है।

 

८७४३ की जांच
पीबीएम मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि डेंगू की आशंका के चलते जनवरी से अब तक ८७४३ लोगों की जांच कराई गई। इसमें से ५०० लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है और नौ मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें भी आईपीडी मरीज ३९० और ओपीडी में ११० मरीजों में डेंगू पाया गया है। वास्तविक आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक डेंगू के ५२७ रोगी रिपोर्ट हो चुके हैं और १२ की मौत हो चुकी है।
मिशन अगेंस्ट डेंगू
डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या बढऩे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने 'मिशन अगेंस्ट डेंगू-मलेरियाÓ शुरू किया है। स्वास्थ्य टीमें शहर के विभिन्न चौकों, मोहल्लों व बस्तियों में सर्वे कर रही हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर की मटकियों, टंकियों, कुंडियों, कूलर, फ्रिज, परिंडों में मच्छरों के पनपते लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई कर रहे हैं।
पाइराथ्रम-स्प्रे व फोगिंग
सीएमएचओ डा. बीएल मीणा ने बताया कि गंदे पानी के इक_ा होने पर एमएलओ, काला तेल, पाइरेथ्रम छिड़काव, साफ पानी के तालाबों पर बीटीआई, पेयजल में टेमीफोस, खाद्य तेल, घरों में पाइराथ्रम स्प्रे तथा जल स्रोतों में मच्छर का लार्वा खाने वाली गम्बूशिया मछली डलवाने का कार्य कराया जा रहा है। मच्छर प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग व पाइराथ्रम का छिड़काव कराया जा रहा है।



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