नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार को वित्तीय अनियमितता के लिए सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने ये बात भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा की ओर से राज्यसभा की आचार समिति के समक्ष टीडीपी के सांसदों सीएम रमेश और वाईएस चौधरी के अयोग्य ठहराए जाने की मांग वाली याचिका को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कही। नायडू ने अमित शाह के बेटे के विरुद्ध आरोपों की ओर इशारा करते हुए सवाल किया कि क्या अमित शाह बड़े लोग हैं? क्या उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोप नहीं है? पीम मोदी क्या कर रहे हैं? उन्हें सबसे पहले अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
कोई नैतिक अधिकार नहीं
टीडीपी प्रमुख नायडू ने कहा कि जीवीएल नरसिम्हा राव को सबसे पहले मोदी के पास जाना चाहिए और उन्हें अमित शाह के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहना चाहिए। उसके बाद किसी दूसरे नेता के बारे में बात करनी चाहिए। ऐसा करने से पहले भाजपा नेताओं के किसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात करने को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सीएम ने कहा कि विपक्षी पार्टी के सांसदों को जान बूझकर आयकर और प्रवर्तन निदेशालयों के छापे के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईडी और आयकर के छापे के पीछे मोदी सरकार की नीयत का सही नहीं है। सच तो यह है कि केंद्र सरकार जांच एजेंट के माध्यम से विपक्षी नेताओं का उत्पीड़न करने पर उतारू है। उन्होंने इस बात की भी आशंका जताई है कि इन एजेंसियों के माध्यम से मेरे परिवार के विरुद्ध भी छापे मरवाए जा सकते हैं। नायडू ने कहा कि वे लोग किसी से भी नहीं डर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।





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