सवाईमाधोपुर. आगामी विधानसभा चुनावों के प्रत्याशियों को लेकर पत्रिका ने रविवार को शहर से युवाओं की नब्ज टटोली तो युवाओं ने प्रदेश की सरकार में जन भागीदारी बढ़ाने व राजनीति की स्वच्छता की बात कही...।
- चुनावों में जनता से जुड़े हुए मुद्दे होने चाहिए। जनता की आवाज को बुलंद करने वाला प्रत्याशी हो। तभी लोकतंत्र का अर्थ सही मायने में साकार हो सकेगा। रश्मि खंगार, छात्रा
- चुनावों में राजनीतिक दलों को स्वच्छ छवि वाले समाज के लिए समर्पित प्रत्याशियों को ही टिकट देना चाहिए। ताकि प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर किया जा सके। मोहित गौतम, छात्र
- ऐसे प्रतिनिधियों का चयन ही करना चाहिए, जिनका एजेंडा शहर व प्रदेश का विकास हो और जनता की सुनवाई करें। इससे प्रदेश का विकास हो सकेगा। सौरभ जैन, छात्र
- वोट करने से पहले पार्टी व उम्मीदवार के घोषणापत्र का अध्ययन करना अति आवश्यक है। इससे ही सही प्रतिनिधि का चयन किया जा सकता है। अजय गौतम, छात्र
- राष्ट्र निर्माण में मतदान की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हर नागरिक को निजी हितों व लाभों से उपर उठकर देश व प्रदेश के हित में वोट डालना चाहिए। चेतन शर्मा, छात्र
- चुनाव में किसी भी प्रत्याशी को टिकट देने से पहले उसके बैक ग्राउण्ड की जांच करें। वहीं आमजन को भी वोट देने से पहले भी प्रत्याशियों की पड़ताल करनी चाहिए। मनु शर्मा, छात्र
- प्रदेश की सरकार में युवा नेतृत्व का अभाव है। इस बार युवाओं को मौका देना चाहिए ताकि युवा वर्ग को भी उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। आरिफ खान, व्यापारी
- क्षेत्र का विकस ही सबसे अहम होता है। लोगों को भी दल, प्रत्याशी आदि से उपर उठकर क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए। कुलदीप शर्मा, छात्र
- चुनावों में राजनीतिक दलोंं को जातिगत समीकरण से उपर उठकर पढ़े लिखे प्रत्याशियों को ही टिकट देना चाहिए ताकि शहर पथ पर लाया जा सके। हेमन्त, छात्र
- प्रदेश व जिले का विकास समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही किया जा सकता है। ऐसे प्रत्याशी को चुनना चाहिए हर तबका समान हो। रितेश खाण्डल, छात्र
- नौकरशाही में जनता के प्रति जवाबदेही तय है। उसी भांति जनप्रतिनिधियों के लिए भी राजनीति में जवाबदेही तय होनी चाहिए।इसकी गाइडलाइन बननी चाहिए। डॉ. गीताजंलि मीना





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