पंडोर मंदिर में पुजारियों से लूट का मामला
पुलिस ने जताई पारदी गैंग की संभावना
सीकर. पंडोर माता के मंदिर में नगदी लूटने और चांदी के छत्र सहित मुकुट ले जाने के आरोपित घटना के बाद रातभर रघुनाथगढ़ इलाके की पहाडि़यों में घूमते रहे।
जंगल में लूट का बंटवारा करने के बाद वे लोग पथरीले रास्तों से होकर मुख्य सडक़ पर पहुंचे होंगे। यहां से फिर किसी साधन के जरिए आरोपित फरार हो गए। क्योंकि पुलिस का मानना है कि पहाड़ों के बीच बसे इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सही रास्ता नहीं होने के कारण यहां से वाहन के जरिए पार होना संभव नहीं है। रघुनाथगढ़ पुलिस चौकी के प्रभारी विनोद सिंह के अनुसार यह काम पारदी गैंग से जुडे़ सदस्यों का भी हो सकता है। आरोपित घटना को अंजाम देकर पहाडि़यों से होते हुए पैदल लोहार्गल तक पहुंचे हैं। पदचिन्हों के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। कई जगह सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला गया है। लेकिन, आरोपितों के फुटेज उनमें कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। फिर भी स्थानीय लोगों से पूछताछ कर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। गौर तलब है कि चार आरोपितों ने मिलकर पंडोर माता के मंदिर के पुजारियों को नियंत्रण में लेकर उनके पास रखे ५५ हजार रुपए नकद, मुकुट व दो चांदी के छत्र ले गए थे।
पिपराली कहां है?
पुलिस के अनुसार पुजारियों से आरोपितों ने आते ही पूछा था कि ये पिपराली कहां पड़ता है। उनके द्वारा बोली गई भाषा के आधार पर पुलिस आरोपितों का बाहरी होना मानकर चल रही है। इसके अलावा टोल-बूथ आदि पर भी लगे कार्मिकों से भी आरोपितों की पहचान के बारे में जानकारी जुटा रही है।





No comments:
Post a Comment