भुवनेश पंड्या/ उदयपुर. इस बार हर स्कूल को यह रिकॉर्ड रखना होगा कि किस-किस विद्यार्थी को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक दी गई है। किसी भी विद्यार्थी को कभी भी ये पूछा जा सकता है, उसे पुस्तक मिली या नहीं। शिक्षा सत्र 19-20 के लिए पहली से आठवी और नवीं से बारहवीं तक की नि:शुल्क पुस्त्कों की पूरी जानकारी पाठ्य पुस्तक मंडल जयपुर को भेजनी है, 1 मई 19 से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र की सरकार ने तैयारी कर ली है। इसमें सभी डीइओ को सरकार शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी जिले से मांग किसी भी हाल में गलत नहीं आनी चाहिए।
ये रहेगा इस बार का गणित
- पहली से आठवीं के सभी बच्चों को और नवीं से बारहवीं की छात्राओं को ये पुस्तकें नि:शुल्क दी जाएंगी। इसके साथ ही अजा-जजा वर्ग के विद्यार्थियों सहित ऐसे विद्यार्थी जिनके माता-पिता आयकर नहीं दे रहे उन्हें ये पुस्तकें नि:शुल्क दी जाएंगी। - सभी राउमावि, रामावि विद्यालय स्तर पर शाला दर्पण पर शिक्षा सत्र 18-19 का दर्ज निामांकन व शेष नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता को देखते हुए शिक्षा सत्र 19-20 के लिए मांग तैयार कर ब्लज्ञॅक नोडल विद्यालय को 17 नवम्बर तक देनी होगी। - डीइओ को जिले भर की सूचना समेकित कर वाहक द्वारा जयपुर भेजनी होगी। - शिक्षा सत्र 19-20 के लिए नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक की मांग के आकलन के आधार पर दस प्रतिशत संख्या बढ़ाकर भेजनी होगी। - कक्षा नौ की मांग कक्षा आठ में पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर की जाएगी। - कक्षा 11,12 में अनिवार्य विषय व एच्छिक विषयों की पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या का स्पष्ट आकलन कर पाठ्य पुस्तकों की तार्किक मांग प्रेषित करेंगे। जैसे कुल पंजीकृत विद्यार्थी: 100 बराबर जीव विज्ञान 70 जोड़ गणित 20 जोड़ कम्प्यूटर 5 जोड़ पर्यावरण 5 जाएगा।





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