चुनाव से पहले डेरा सच्चा सौदा में इस बार कोई हलचल नहीं
-मंगेश कौशिक
श्रीगंगानगर. प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों का केन्द्र बन जाने वाला सिरसा (हरियाणा) स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में इस बार सन्नाटा पसरा हुआ है। वोटों के लिए चुनाव से पहले डेरे के कई फेरे लगाने वाले नेता साध्वी यौन शोषण प्रकरण में डेरा प्रमुख राम रहीम गुरमीत सिंह को सजा होने के बाद वहां जाने से कतरा रहे हैं।
डेरा मुख्यालय की बागडोर जिनके हाथ में है, उनकी ओर से चुनाव को लेकर अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। लेकिन श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में डेरा सच्चा सौदा के उन्नीस ब्लॉकों में विधानसभा चुनाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले की ग्यारह विधानसभा सीटों सहित प्रदेश के कोटा, अलवर, बीकानेर और जयपुर जिलों की 35 सीटों पर डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव रहा है। इन सीटों से चुनाव लडऩे वाले नेता किसी भी दल से हों, जीत का आशीर्वाद लेने के लिए डेरे तक आते रहे हैं। इस बार स्थिति भिन्न है।
डेरा मुखी रोहतक की सोनारिया जेल में सजा काट रहे हैं और उनके पीछे डेरे की बागडोर ऐसे हाथों में नहीं, जिसका डेरा अनुयायियों पर व्यापक प्रभाव हो। पिछले विधानसभा चुनाव तक डेरा प्रमुख ही किसे समर्थन देना है, इसका निर्णय करते रहे। इस निर्णय की जानकारी पच्चीस मैम्बरी कमेटी से होते हुए प्रदेश के सभी 85 ब्लॉक प्रभारियों तक पहुंचती और उसके बाद डेरा अनुयायियों तक।
ब्लॉक प्रभारियों से संपर्क
डेरा अनुयायियों के वोटों के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की उम्मीद रखने वाले नेता इस बार डेरा मुख्यालय जाने से परहेज कर रहे हैं। डेरा प्रमुख को जिस आरोप में सजा हुई उसे लेकर कोई भी नेता डेरे जाने पर होने वाली किरकिरी का जोखिम नहीं उठा रहा। लेकिन जिन्हें टिकट मिलने की उम्मीद है वह अपने क्षेत्र के ब्लॉक प्रभारियों से मुलाकात कर डेरा अनुयायियों के वोट दिलाने की मनुहार जरूर कर रहे हैं। ऐसी मुलाकातें गुपचुप हो रही है।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में डेरे के 19 ब्लॉक हैं और इन ब्लॉक के अधीन जितने भी डेरा अनुयायी हैं वह ब्लॉक प्रभारियों की हर बात मानते हैं। इन ब्लॉकों के अधीन डेरा अनुयायियों की संख्या के बारे में पुख्ता जानकारी तो ब्लॉक प्रभारियों को भी नहीं है। लेकिन उनका दावा है कि डेरा अनुयायी एकमत होकर वोट डालें तो चुनाव का नतीजा वही रहता है जो डेरा अनुयायी देखना चाहते हैं।
हालांकि हरियाणा के विधानसभा चुनाव के दौरान यह दावा सिरसा जिले की सभी पांच सीटों पर भाजपा की हार से तो खोखला साबित हुआ था जबकि डेरा सच्चा सौदा का सर्वाधिक प्रभाव इसी जिले में बताया जाता रहा है। हरियाणा के विधानसभा चुनाव में डेरा सच्चा सौदा ने भाजपा को समर्थन दिया था।
समर्थन पर मंथन जारी
हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा ब्लॉक प्रभारी सतीश इंसा ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बारे में डेरे की ओर से अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं हुए। अलबत्ता रविवार को होने वाली नामचर्चा में साध संगत चुनाव को लेकर एकजुट होने लगी है। अभी चूंकि टिकटों का निर्णय नहीं हुआ इसलिए ब्लॉक कमेटियां भी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।
टिकट तय होने के बाद समर्थन किसे देना है इस पर जरूर विचार किया जाएगा। वोटों के लिए नेताओं के फेरों के बारे में ब्लॉक प्रभारी का कहना था कि जिनको टिकट मिलने की उम्मीद है वह आकर संपर्क कर रहे हैं।





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