Breaking News
recent

पर्यावरण संरक्षण के लिए दिवाली पर पर पौध वितरण

—एक ही दिन में 1100 पौधे नि:शुल्क वितरित किए, हर साल संस्था वितरण करती है विभिन्न किस्मों के पौधे

 

श्रीगंगानगर.दीपोत्सव के पर्व पर एक संस्था पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठा कार्य कर रही है। हरित दीपावली मनाएं,एक पेड़ जरूर लगाएं,सांसें हो रही है कम, आओ पेड़ लगाएं मुहिम के तहत डॉ.भीमराव अंबेडकऱ नवयुवक संघ रायसिंहनगर व पारिवारिक वानकी संस्था हर साल छोटी दिवाली के दिन रायसिंहनगर जीप स्टैंड पर एक स्टॉल लगाकर नि:शुल्क पौध वितरण कर रही है।

इस मुहिम के तहत मंगलवार को जामुन, नीम, शीशम,अमरूद सहित अन्य कि स्मों के 1100 पौधे वितरित किए गए। प्रत्येक व्यक्ति को दो पौधे देकर उसे संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर उपखंड अधिकारी रायसिंहनगर संदीप कांकड़,डूंगर कॉलेज बीकानेर के प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी, डॉ.नरेश मक्कड़, संघ के अध्यक्ष हरीश डाबी, व सचिव और वरिष्ठ अध्यापक दलीप कुमार ने पौधे वितरण का काम किया।

—------------

—पर्यावरण को बचाने का संकल्प---

—राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय 52 एनपी के प्रधानाध्यापक पन्ना लाल मेघवाल ने बताया कि दिवाली पर कुछ लोग गरीब लोगों को मिठाई,आतिशबाजी,पटाखे और फुलझड़ी आदि बांटते हैं। लेकिन लोगों का जीवन बचाने के लिए पर्यावरण दूषित होने से बचाना बहुत जरूरी है। इसके लिए लोगों नि:शुल्क पौध वितरण कर पेड़ों के संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

—------—

हर साल वितरण करती है संस्था---संस्था हर दिवाली से एक दिन पहले नि:शुल्क पौध वितरण करती है। पिछले साल भी 1500 पौधे नि:शुल्क वितरित किए गए। पौधे देने वाले व्यक्ति का नाम,पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया जा रहा है। संस्था के सचिव दलीप कुमार ने बताया कि पर्यावरण को जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, वायु प्रदूषण एव ध्वनि प्रदूषण से बहुत खतरा बना हुआ है। इससे आने वाली पीढिय़ों का जीवन खतरे में है। पेड़ लगाकर ही जीवन बचाया जा सकता है।

—----------

इसलिए लगाएं पौधे

एक पौधा लगाएं,क्योंकि ...

-50 साल में एक पेड़ हमारे इतने काम आता है

-17.50 लाख रुपए की ऑक्सीजन का उत्पादन-

-41 लाख रुपए के पानी का सरंक्षण

-300 पेड़ मिलकर खत्म कर सकते हैं एक व्यस्क व्यक्ति की ओर से जीवन भर में फैलाए प्रदूषण को

-35 लाख रुपए के वायु प्रदूषण का नियंत्रण

-तीन किलो कार्बनडाइ ऑक्साइड सोखता है हर साल



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.