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आहोर क्षेत्र में सालों से पहेली बने ब्लाइंड मर्डर केस, फाइलें दबीं

आहोर. कस्बे समेत क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की यह शिथिल कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि कई सालों पूर्व घटित हत्या की वारदातों का अभी तक राजफाश नहीं हो पाया है। इन मामलों को लेकर जहां पुलिस केवल हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। वहीं आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से फरार चल रहे हंै। यहां पूर्व में हत्या के मामले घटित होने के बाद से पुलिस लगातार अनुसंधान जारी होने का हवाला दे रही है लेकिन अभी तक पुलिस को एक भी मामले का राजफाश करने में सफलता नहीं मिल पाई है। आलम यह है कि क्षेत्र में हत्या के चार मामले पिछले लंबे समय से पुलिस के लिए अनसुलझी पहली बनकर रह गए है। इनका राजफाश पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। जिसके चलते इनमामलों के आरोपित अभी तक पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे है।
कागजों में ही चल रहा काम
गौरतलब है कि क्षेत्र में पूर्व में घटित इन हत्या के मामलों का राजफाश कर आरोपितों को गिरफ्तार करने की कई बार परिजनों समेत समाजबंधुओं की ओर से पुलिस व प्रशासन से मांग की गई। इस दौरान हर बार केवल पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इन मामलों का शीघ्र राजफाश करने का आश्वासन ही दिया गया। हैरानी की बात यह है पुलिस कई महीनों का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक एक भी मामले का पटाक्षेप नहीं कर पाई है। वर्तमान में तो इन मामलों की जांच भी ठंडे बस्ते में पड़ी है।
आक्रोशित लोगों ने कई बार किया प्रदर्शन लेकिन नतीजा रहा सिफर
कस्बे में पूर्व में घटित श्रीमती प्यारीबाई वैष्णव की हत्या व लूट की वारदात, माधोपुरा में कांग्रेस नेता राणाराम चौधरी की संदिग्ध मौत के मामले तथा वलदरा में सविताकंवर की हत्या के मामले को लेकर परिजनों समेत समाज के लोगों द्वारा गहरा आक्रोश जताते हुए उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मामलों का शीघ्र राजफाश कर आरोपितोंं को गिरफ्तार करने की मांग की गई थी। उनके द्वारा कई बार इन मामलों को लेकर पुलिस व प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए। लेकिन पुलिस अभी तक हत्या के मामलों का राजफाश नहीं कर पाई है।
ये केस पुलिस की कार्यप्रणाली का कर रहे प्रदर्शन
केस - १
आहोर. गत १९ दिसम्बर २०१० की शाम को कस्बे की हनुमान कॉलोनी में वृद्ध मोहनदास वैष्णव के रहवासीय मकान में तीन नकाबपोश आरोपितों द्वारा लूट व हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोपी मकान मालिक वृद्ध मोहनदास की पत्नी श्रीमती प्यारीबाई की निर्मम हत्या तथा मोहनदास को गंभीर घायल कर मकान में से सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूटकर ले गए थे। इस मामले में पुलिस अभी तक आरोपितों का सुराग नहीं लगा पाई है।
केस - २
आहोर. निम्बला ढाणी निवासी भाद्राजून ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राणाराम चौधरी पुत्र संग्रामाराम का गत ३१ मार्च २०१३ को सुबह खून से लथपथ अद्र्धनग्नावस्था में शव माधोपुरा बस स्टैण्ड पर स्थित उसकी चौधरी सैण्ड स्टोन दुकान के बाहर उसकी कार के समीप पड़ा मिला था। इस वारदात को लेकर मृतक के चचेरे भाई की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले को लेकर कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
केस - ३
आहोर. गत ८ नवम्बर २०१२ को क्षेत्र के वलदरा गांव में श्रीमती सविताकंवर पत्नी तेजसिंह राठौड़ का खून से लथपथ शव उसके घर में पड़ा मिला था। पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। लेकिन पुलिस अभी तक हत्या के आरोपितों को नहीं पकड़ पाई है।
केस - ४
आहोर. गत ८ नवम्बर २०१३ को आहोर-जालोर सड़क मार्ग पर भैंसवाड़ा के डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राबाआवि के सामने झाडिय़ों में एक अज्ञात किशोरी का शव विद्युत पोल से बंधा हुआ मिला था। जिसका पुलिस अभी तक राजफाश कर आरोपितों को नहीं पकड़ पाई है। इसके अलावा क्षेत्र के अगवरी में गत ४ सितम्बर २०१७ को नरपतकुमार मेघवाल की संदिग्ध मौत को लेकर परिजनों की ओर से पुलिस थाने में दर्ज करवाए हत्या के मामले का अभी पुलिस अभी तक राजफाश नहीं कर पाई है।



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