श्रीगंगानगर। दीपावली पर्व पर कचरा उठाव में कुछ राहत मिली लेकिन अब फिर से यह प्रक्रिया बिगड़ गई है। दीपावली पर्व को देखते हुए कई पार्षदों ने अपनी जेब से निजी ट्रेक्टर ट्रॉलियों को किराये पर लेकर कचरा उठाव करवाया था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
नगर परिषद ने शहर के पचास में से 32 वार्डो में कचरा उठाव के लिए निरजंन शर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी को अधिकृत किया था लेकिन एक नवम्बर को नगर परिषद के सभापति अजय चांडक ने यह आपत्ति करते हुए उसका भुगतान रोक दिया कि अनुबंध की शर्तो के अनुरुप ट्रेक्टर ट्रॉलियों पर जीपीएस सिस्टम नहीं लगाया है।
यहां तक कि कॉमर्शियल इस्तेमाल आने वाली ट्रेक्टर ट्रॉलियों की बजाय कृषि कार्य के लिए काम आने वाली ट्रेक्टर ट्रॉलियों का उपयोग कचरा उठाव के लिए किया जा रहा है। इधर, पार्षदों हरविन्द्र सिंह पांडे, रामगोपाल यादव, डा.़भरतपाल मय्यर, राजेन्द्र चुघ राजा आदि ने अपनी जेब से किराये की ट्रेक्टर ट्रॉलियों की व्यवस्था कराई। लेकिन कई वार्डो में ऐसा कचरा भी नहीं उठ पाया। पार्षदों की माने तो दीपावली पर अधिक सफाई होने के कारण कचरा सडक़ों पर आ गया था, ऐसे में गंदगी के ढेर लग गए। इस कारण किराये की ट्रॉलियों से कचरा उठाव की समस्या का हल निकाला गया लेकिन यह वैकल्पिक व्यवस्था थी।
उधर, आयुक्त अशोक असीजा की माने तो ठेके प्रक्रिया के चालीस दिन बाद भुगतान के दौरान सभापति ने आपत्ति उस समय जताई है जब कचरे उठाव के लिए अधिक जरूरत थी।
कई वार्डो में कचरा उठाव के लिए ट्रेक्टर ट्रॉलियों की व्यवस्था शुक्रवार को उस समय हुई जब रामरमी के लिए संबंधित कार्मिक डोर टू डोर पहुंच गए। बधाई राशि लेने के लिए यह व्यवस्था संबंधित कार्मिकों ने खुद की थी। वहीं डी ब्लॉक में वकीलों की डिग्गी पर कचरे के ढेर लग गए। यही हाल इंदिरा कॉलोनी, जवाहरनगर इंदिरा वाटिका, बीरबल चौक सब्जी मंडी एरिया, पुरानी आबादी टावर रोड पर देखने को मिला।





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