कोटा. चुनावी मैदान में उतरे नेताओं के अच्छे दिन 11 दिसम्बर के बाद आएंगे, वह भी जीत गए तब, लेकिन पांच साल बेकार घूमने वाले कार्यकर्ता भी इस समय व्यस्त और मौज करते दिखाई दे रहे हैं। इन कार्यकर्ताओं की शहर से लेकर गांव तक पूछपरख बढ़ गई है।
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प्रचार में ये नए कपड़ों में नजर आ रहे हैं। लग्जरी गाडिय़ां भी घूमने को मिल रही हैं। शहर के कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और लाडपुरा सहित सांगोद, पीपल्दा और रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं का हुलिया ही बदल गया है।
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चुनावी रण में किसी को प्रत्याशी के समर्थन में नारे लगाने का काम मिला है तो किसी को जनसंपर्क के दौरान मालाएं लोगों को देने का काम मिला है, ताकि वे प्रत्याशी को माला पहना सकें। किसी को पार्टी कार्यालय में चाय-पानी का इंतजाम करने का काम मिला है। किसी कार्यकर्ता के पास इन दिनों वित्तीय संसाधनों की कमी आड़े नहीं आ रही। कहीं जाना हो तो गाड़ी हाजिर हो जाती है। खाने-पीने का पूरा इंतजाम भी नेता की तरफ से हो रहा है।
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वोटर के लुभाने के लिए बजा रहे गीत
चुनावी रण में मतदाताओं को लुभाने के लिए गीत-संगीत का भी सहारा लिया जा रहा है। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों ने प्रचार के लिए गीत तैयार कराएं हैं। प्रत्याशी जिस भी इलाके में जनसंपर्क के लिए जाते हैं तो उसके समर्थन में गीत की धुन पहले पहुंच जाती है। एक वाहन ऐसा चलता है, जिसमें म्यूजिक सिस्टम लगा हुआ रहता है। किसी प्रत्याशी के गाने की धुन राजस्थानी है तो किसी की फिल्मी मिक्स।





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