राजगढ़. लक्ष्मणगढ़: अलवर. राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में एक दशक का राजनीतिक वनवास खत्म करने के लिए कांग्रेस ने फिर से क्षेत्र के पुराने नेता जौहरीलाल मीणा को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले अनसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित इस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी गत दो चुनाव में जीत दर्ज नहीं करा पाई है।
पिछले चुनाव में नए चेहरे का प्रयोग रास नहीं आने के कारण इस बार कांग्रेस ने यहां से पूर्व में विधायक रह चुके जौहरीलाल मीणा पर दांव खेला है। कांग्रेस के लिए सहज सीट मानी जाने के कारण राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदारों की लंबी कतार थी। कांग्रेस के नए-पुराने नेता ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत आईएएस, आईपीएस समेत कई मौजूदा उच्च अधिकारियों की निगाह इस सीट पर लगी थी। लेकिन पार्टी ने वोटों की परख करने वाले जौहरी को फिर से मौका देने का फैसला किया है। यह विधानसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से बड़ा है। इस क्षेत्र में राजगढ़, रैणी, लक्ष्मणगढ़ तीन बडे कस्बे शामिल हैं। वहीं गांव-ढाणियों में बड़ी संख्या में मतदाता निवास करते हैं।
टिकट मिलते ही पहली बात
राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी जौहरीलाल मीना का कहना है कि जनता की सेवा ने उन्हें फिर से टिकट दिलवाया है। उनके जनता से सीधे संवाद के चलते पार्टी हाईकमान ने उन्हें फिर से मौका दिया है। विधानसभा क्षेत्र में दस वर्षों तक बाहरी जनप्रतिनिधियों के चलते क्षेत्र का विकास थम गया था। पार्टी ने क्षेत्र के विकास को फिर से गति दिलाने के लिए मुझे टिकट दिया है। पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाने क साथ ही कांग्रेस के संदेश को फैलाता रहा हूं। पार्टी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर मैं खरा उतरने का प्रयास करुंगा।
प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: खेती व पेट्रोल पम्प
सोशल मीडिया: सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।
पहचान: किसानों व ग्रामीणों की समस्या उठाने में अग्रणी।
अनुभव: प्रधान, विधायक समेत कांग्रेस में अनेक पदों पर रह चुके
कोर टीम: कांग्रेस कार्यकर्ता।
अक्सर कहां मिलते हैं: अपने गांव सुहीला का बास पाड़ा में





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