सोनम राणावत/अजमेर.
स्मार्ट सिटी में शुमार अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र की कई महिलाओं में राजनीति के प्रति खास रुचि है और पिछले कुछ बरसों से उनमें राजनीति के मामले में जागरुकता भी पैदा हो चुकी है। इस क्षेत्र में अनेक महिलाएं राजनीति में सक्रिय है और अच्छी खासी छवि भी बनाई है।
यह जुदा बात है कि चुनावी माहौल के चलते जब आम महिला मतदाताओं से उनके क्षेत्र के विधायक के बारे में बात की तो उनमें जानकारी की कमी नजर आई। कुछ महिला मतदाताओं को अपने क्षेत्र के विधायक का नाम और अनेक को अपने विधानसभा क्षेत्र के नाम की जानकारी नहीं है। ऐसा तब है जबकि नब्बे के दशक में ही अजमेर जिला संपूर्ण साक्षर घोषित हो चुका है।
कुछ महिलाओं ने विधायक के काम-काज को संतोषजन बताया, तो कुछ ने नाराजगी भी जताई। विधायक के उनके क्षेत्र में आने के सवाल पर अधिकांश ने कहा, बड़े नेताओं का छोटे मोहल्लों में क्या काम...? ऐसा तब है जबकि अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी लगातार जीत की हैट्रिक बना चुके हैं। यहां से पिछले दो चुनाव हार चुके कांग्रेस के डॉ श्रीगोपाल बाहेती तो अधिकांश महिला मतदाताओं के लिए लगभग अनजान है।
सबसे पहले मैं क्षेत्र की अलखनन्दा कॉलोनी पहुंची। वहां धनतेरस की खरीदारी करके घर लौट रही चेतना अग्रवाल से बात करते ही वे नाराज दिखीं। चेतना ने कहा कि क्षेत्र में कोई सार्वजनिक उद्यान नहीं हैं। सात - आठ महीने पहले जब विधायक आए थे तो उन्होंने कहा था उद्यान बनवा देंगे। उसके बाद कुछ अता-पता नहीं है।
यहां से क्षेत्र की राजू कॉलोनी में फूल माला विक्रेता रेखा के पास रुकी। ज्यों ही मैंने पूछा आपका विधानसभा क्षेत्र कौनसा है...वह बोली क्षेत्र की मुझे जानकारी नहीं है। पलटकर मैंने पूछा आपके विधायक कौन हैं....इस पर रेखा पास में खड़ी दस साल की बेटी की तरफ देखने लगी। कुछ देर बाद बोली..नाम तो नहीं पता लेकिन इधर आते जरूर हैं। काम-काज के पूछने पर उसका इतना ही कहना था कि कुछ काम तो करा रहे हैं।
यहां से इंद्रा कॉलोनी पहुंचकर जैना से पूछा विधायक कौन है जानती हो?
तो वह बोली मैडम आपणो यां लोगां संू कांई काम...चाहे फूल हो या हाथ दोनी (दोनों ही) काम का कोनी । सब आप-आप का लोगां को काम करै है। गरीबां सूं न तो कोई विधायक न मतलब अर न कोई मंत्री काम का। यहां से शास्त्री नगर पहुंचकर 68 वर्षीय सरस्वती राठौड़ मिली। उनसे जब पूछा आपके क्षेत्र में क्या क्या विकास कार्य हुए है तो उन्होंने कहा कि मैं नोटा को वोट दे दूंगी...लेकिन किसी पार्टी को वोट देकर अपना वोट खराब नहीं करूंगी। वह नाराजगी जताते हुए बोली...मेरी बहू ग्यारह साल से सिरोही जिले के शिवगंज में शिक्षिका है। कई बार उनसे मिल चुके पर उसका गृह जिले में तबादला नहीं हुआ। हमारे यहां विकास हुआ है...लेकिन सिर्फ शहर में। मोहल्लों में तो अब भी हालत बहुत खराब है।





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