अलवर. जिला मुख्यालय के समीपवर्ती किशनगढ़बास विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने तीसरी बार फिर से अपने विधायक रामहेतसिंह यादव पर विश्वास जताते हुए पार्टी का टिकट दिया है। यादव इसी सीट पर पहले भी लगातार दो बार भाजपा से विधायक चुने जा चुके हैं।
भाजपा ने किशनगढ़बास में सोशल इंजीनियरिंग के चलते फिर से यादव उम्मीदवार पर दांव खेला है। पार्टी का यह दांव गत दो विधानसभा चुनावों में कामयाब रहा है। परिसीमन के बाद नवसृजित किशनगढ़बास सीट पर रामहेत यादव दो बार चुनाव लड़े ओर दोनों ही बार जीते। मेवात में शामिल होने के बाद भी यहां से भाजपा की जीत मायने रखती है। यादव तीन दशक से ज्यादा समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। यादव ने राजनीति की शुरुआत भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य के रूप में की तथा 1987 से 90 तक युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रहे। इसके अलावा भी वे भाजपा व अन्य संस्थाओं पर विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।
टिकट मिलते ही पहली बात
किशनगढ़बास के विधायक रामहेत यादव को भाजपा ने लगातार तीसरी बार चुनाव में उतार दिया है। टिकटों की घोषणा होते ही रामहेत यादव ने पत्रिका को बताया कि पूरे किशनगढ़बास की जनता के बीच कायम रखे विश्वास को पार्टी ने फिर से अवसर दिया है। यह जनता के बीच सतत् रहकर उनके विकास के कार्यों को कराने का फल है। पिछले उप चुनाव में परिस्थितियां अलग थी। हम कुछ ओवरकॉन्फिडेंस में रहने से मात खा गए थे। लेकिन मैं बराबर किशनगढ़बास की जनता के बीच में रहा हूं।
जनता की आवाज से कह रहा हूं कि इस बार पिछली बार से दोगुने वोट के अन्तर से जीतेंगे। चाहे सामने वाली पार्टी किसी को भी उतार दे। वैसे तो कांग्रेस के पास उम्मीदवार ही नहीं है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं के बीच में रहकर सबको दिए गए सम्मान को देखा है। जिसके लिए सर्वे भी हुए हैं। इसके बाद प्रदेश की राय पर शीर्ष नेतृत्व ने टिकट थमाया है। अब भी हम केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचा रहे हैं। पिछली बार करीब 15 हजार वोट से जीते। इस बार इसे दोगुना करने का प्रयास रहेगा।





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