नई दिल्ली। कई दिक्कतों का सामना कर रही भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के सामने अब एक और मुसीबत आ गई है। रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) ने भारत में टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया है जिसकी वजह से पूरे देश में टैक्सियों की बिक्री बंद होने के कागार पर है। हालांकि इंश्योरेंस रेग्युलेटरी डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDA) ने अभी तक टैक्सियों के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली पैसेंजर वीइकल्स के लिए तीन साल के थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर के प्राइस पॉइंट की कोई जानकारी नहीं दी है।
RTO ने टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन करने से किया इनकार
इस संदर्भ में इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव ने बताया कि, पिछले दो हफ्तों में दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में टैक्सियों की बिक्री बिल्कुल बंद हो गई है क्योंकि आरटीओ ने रोड मिनिस्ट्री के सर्कुलर (12 नवंबर 2018) के बाद टैक्सियों का रजिस्ट्रेशन करने से इनकार कर दिया है। रोड मिनिस्ट्री के एस सर्कुलर में ट्रांसपॉर्ट वीइकल्स के साथ-साथ नॉन-ट्रांसपोर्ट वीइकल्स के लिए भी तीन साल के थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर को अनिवार्य कर दिया गया है।
रोड, ट्रांसपोर्ट और हाइवेज मिनिस्ट्री का आदेश
रोड, ट्रांसपोर्ट और हाइवेज मिनिस्ट्री ने 12 नवंबर 2018 को एक आदेश में कहा था, 'ऐसी जानकारी मिली है कि मिनिस्ट्री की 29.8.2018 की अडवाइजरी के बावजूद कुछ राज्य नए ट्रांसपोर्ट कैटिगरी वीइकल्स के मुताबिक तीन साल के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का पालन नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में फिर बताया जाता है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, तीन साल की अवधि के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर लेना अनिवार्य है, चाहे वाहन का उपयोग परिवहन या गैर-परिवहन उद्देश्य के लिए किया जाए।'





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