अलवर. राजस्थान पत्रिका की ओर से फेसबुक के साथ चलाए जा रहे मतदाता जागरुकता साझा अभियान ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ के तहत एमआईटीआरसी संस्थान में फेक न्यूज पर विधार्थियों के साथ सीधा संवाद कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में फेक न्यूज से होने वाले नुकसान और इससे बचने के उपायों पर उपयोगी जानकारी पीपीटी और सीधे संवाद में दिए गए उदाहरणों से दी गई। फेक न्यूज पर हुए कार्यक्रम में राय, अफवाह और सच्चाई के बारे में जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि कोई भी सोशल मीडिया पर आने वाले मैसेज को बिना सोचे-समझे ही आगे फारवर्ड नहीं करें जब तक उसकी सत्यता प्रमाणित नहीं हो। कार्यक्रम में निदेशक सत्येन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पत्रिका के इस अभियान से युवाओं में फेक न्यूज का लेकर जागरुकता आएगी। इस अवसर पर प्लेसमेंट अधिकारी नितिन जायसवाल, छवि नागपाल, सतपाल सिंह और विकास महलावत ने फेक न्यूज से बचने के तरीकों को उपयोगी बताया।
युवा बोले, उठाएंगे आवाज
राजस्थान पत्रिका की ओर से फेक न्यूज को लेकर हुए कार्यक्रम में युवाओं ने इसे समझ कर कहा कि हमें पहली बार फेक न्यूज के खतरों की जानकारी मिली है जिसके खिलाफ हम आवाज उठाएंगे। इस मामले में युवाओं ने अपनी प्रतिक्रिया इस प्रकार व्यक्त की
इस कार्यक्रम में हमने देश की सबसे बड़ी समस्या फेक न्यूज के बारे में उपयोगी जानकारी मिली है जिससे हमें नया सीखने का मौका मिला है।
सौरभ बेनीवाल
फेक न्यूज देश की एकता के लिए खतरा है जिसकी जानकारी हमें आज मिली है। हम सभी को ऐसी फेक न्यूज से बचन होगा जो सभी के हित में है।
रीतिका जैन
फेक न्यूज से हमें कितना नुकसान हो सकता है, इसकी जानकारी हमें पहली बार पता लगी है। अब हम इसके खतरों से दूसरों को भी अवगत कराएंगे।
संचित मंगल
सोशल मीडिया पर आने वाले मैसेज को हम मजाक समझकर आगे फारवर्ड कर देते हैं। इस समय इससे सचेत रहने की आवश्यकता है।
दीपिका शर्मा
वर्तमान में देश को सबसे अधिक खतरा ही फेक न्यूज से है। यदि हम सभी जाग जाएंगे तो इसके खतरे भी समाप्त हो जाएंगे। इसकी जानकारी हमें मिली है।
याक्षी भारद्वाज
देश में सबसे अधिक खतरनाक यह है कि आप दूसरों के दिमाग में कचरा डाल रहे हैं। यह कचरा और कुछ नहीं गलत सूचनाओं का है। इससे बचना होगा।
तनू खंडेलवाल
राजस्थान पत्रिका का यह अभियान वास्तव में सराहनीय प्रयास है। इससे हमें फेक न्यूज के बारे में उपयोगी जानकारी मिली है जिसे हम समाज में अन्य लोगों को बताएंगे।
उमेश जांगिड़





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