सीकर.
राजस्थान के सीकर में जीजा-साला में बैंकों के 4.19 करोड़ का गबन कर डाला। इन दोनों केपास बैंकों के 21 एटीएम में रुपए डालने की जिम्मेदारी थी, मगर ये एटीएम में रुपए कम डालकर उन्हें आईपीएल के मैचों में दांव पर लगा रहे थे। ऑडिट होने से पहले ही इधर-उधर से रुपयों का जुगाड़ करके वापस एटीएम में डाल देते थे। इस बार की ऑडिट में जीजा-साला का यह खेल उजागर हुआ तो न केवल बैंक प्रबंधन बल्कि पुलिस भी चौंक गई।
सीकर पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू की तो बैंकों के एटीएम में 4.19 करोड़ रुपए कम डालने के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपित सुनील एटीएम में रुपए नहीं डालकर इस राशि का उपयोग वह सट्टा खेलने में करने लगा था। इधर, आरोपित के हाथ में इतनी बड़ी रकम देखकर बुकी वाले भी इसको जमकर सट्टा खिलाते थे। हालांकि गबन का मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद सपंर्क में रहने वालों ने आरोपित से किनारा कर लिया है। पुलिस भी इस घपले की जानकारी उजागर नहीं कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपित सुनील के शहर के दो बड़े बुकीबाजों से संपर्क हैं। जिनमें हाउसिंग बोर्ड व सहारण की गली के आस-पास रहने वाले बुकीबाज का नाम सामने आ रहा है। इनमें से एक बुकीबाज ऐसा है। जो कि, क्रिकेट मैच शुरू होने से पहले ही सुनील को अपने नियंत्रण में ले लेता था।
इसके बाद शराब पीने के साथ-साथ सट्टा खेलने का काम जमता। सूत्रों का कहना है कि सुनील एक मैच में अकेला लाखों रुपए का दावं बेखौफ लगा देता था। सुनील के जरिए इस बुकीबाज ने लाखों रुपए कमाए हैं। सुनील एक मैच में बड़ी रकम हार जाता था। लेकिन, उसके चेहरे पर सिकन तक नहीं आती थी। क्योंकि रूट पर लगे एटीएम में नगदी डालने की जिम्मेदारी उस पर भी थी। वह चाहे जब अपने अधीन वाले एटीएम से रुपए निकालने में गड़बड़ी कर लेता था। हालांकि महीने के अंतिम दिनों में सुनील को रुपयों की रिफलिंग करने में जोर आता था। क्योंकि ऑडिट होने के डर से गफलत पकड़ में आने की संभावना बनी रहती थी।
यह था मामला
सांगानेर जयपुर निवासी व लोजी कैश सोल्यूशन कंपनी के ऑडिट ऑफिसर सौरभ सिंह ने सीकर पुलिस कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
-इसमें उसने कंपनी में काम करने वाले सुनील और उसके जीजा गणेशचंद तथा मूलचंद पर कई आरोप लगाए थे।
- आरोप थे कि शहर में इनके अधीन आने वाले तीन रूटों पर स्थित एटीएम में बैंक से कैश डालने का जिम्मा इन्हीं को दे रखा था।
-ऑडिट में गबन सामने आया तो पूरे रूट की जांच में 21 एटीएम में चार करोड़ 19 लाख रुपए का रुपए कम पाए गए थे। जबकि यह कैस एसबीआई की हैडब्रांच से उठा लिया गया था।
नहीं उठाया फोन
करीब सवा चार करोड़ रुपए के गबन की जांच कोतवाली के एसआई अमित कुमार को सौंपी गई है। लेकिन, प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में जब इनसे संपर्क साधा गया तो एसआई ने फोन रिसिव नहीं किया। इससे पहले भी मामले की सूचना देने से कतराते रहे।
तीन कर्मचारियों के खिलाफ गबन का मामला
सीकर शहर के एटीएम में रुपए भरने वाली कम्पनी के ऑडिटर ने गुरुवार को तीन कर्मचारियों के लिए लाखों रुपए की राशि के गबन का मामला दर्ज कराया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को तीनों कर्मचारियों के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद ही राशि का खुलासा होगा। कोतवाली पुलिस थाने में लॉजिकेस साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के ऑडिटर जयपुर निवासी सौरभ सिंह राठौड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी कम्पनी की ओर से शहर के एटीएम में राशि भरी जाती थी।
यह जिम्मेदारी कम्पनी ने तीन कर्मचारियों को सौंप रखी थी। इनकी ओर से दी गई रिपोर्ट की जब ऑडिट की गई तो पता चला कि जितनी राशि एटीएम में भरना दर्शाया गया उतनी राशि भरी ही नहीं गई। इसके आधार पर कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया है। मामले की जांच एएसआई अमित कुमार को दी गई।





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