सीकर. 31 अक्टूबर 2018 को देश को समर्पित की गई सरदार वल्लभ भाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बाद अब शेखावाटी में गेट ऑफ यूनिटी बनाया जाएगा। इसके लिए सीकर-दिल्ली रोड के पास गांव गुंगारा की रोड पर जगह तय की गई है। यहां पर 46 फीट ऊंचा गेट ऑफ यूनिटी बनेगा।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बाद अब राजस्थान में यहां बनेगी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा
सरदार वल्लभ भाई पटेल की 142 मीटर ऊंची प्रतिमा की बचे हुई सामग्री से गेट ऑफ यूनिटी का निर्माण किया जाएगा। इसमें 140 टन पत्थर इस्तेमाल होगा। संभवतया यह सीकर जिले का सबसे ऊंचा गेट होगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सीकर के गुंगारा रोड के पास यह गेट बनाने की अनुमति दे दी है। इस पर सरदार पटेल की छह फीट की मूर्ति और 9 फीट का तिरंगा भी लगाया जाएगा जबकि 70-75 लाख रुपए खर्च होंगे।
गुजरात में बनाई गई पटेल की मूर्ति में धौलपुर व बांसवाड़ा के डेढ़ लाख स्क्वायर फीट लाल पत्थर का इस्तेमाल हुआ था। इस प्रतिमा को बनाने के लिए पत्थर को तीन भागों में बांटा गया था, जिनके जरिए पटेल के हाथ-पैर व अंगूठे आदि बनाए गए थे। गुजरात सरकार ने बचे हुए मैटेरियल और सरदार पटेल की मूर्ति सीकर में लगाने के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
गेट ऑफ यूनिटी पर तिरंगा भी लहराएगा
गुजरात में बनाई गई सरदार पटेल की मूर्ति के बाहरी काम के लिए धौलपुर व आंतरिक कार्य के लिए बांसवाड़ा के पत्थरों का इस्तेमाल हुआ। सडक़ के दोनों तरफ लगने वाले पीलर वाहनों चालकों को दूर से ही नजर आ जाएं। इसके लिए ऐसी लाइट भी इस्तेमाल करेंगे, जो आंखों में नहीं चूभे। नौ फीट का तिरंगा लगेगा। वहीं छह फीट की सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो गुजरात से ही लाई जाएगी।
इनके दिमाग की उपज है Gate of unity
-सीकर जिले के गांव गुंंगारा निवासी अनिल धींवा ने गुजरात में सरदार पटेल की प्रतिमा बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
-इनके नेतृत्व में चार सौ कारीगरों की टीम ने एक साल तक पत्थर की गुणवता का चयन कर प्रतिमा के आधार स्तम्भ को बनाया था।
-धींवा की कम्पनी अलकेमी स्टोंस मैटरिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने धौलपुर के पत्थरों को मूर्ति के लिए तैयार किया था।
-धींवा ने कहा कि गुजरात में मूर्ति तैयार करवाते वक्त ही ख्याल आया कि शेखावाटी में भी गेट ऑफ यूनिटी बनना चाहिए।
-गुजरात में बची हुई सामग्री को लाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। नवम्बर 2018 में गेट ऑफ यूनिटी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-धींवा ने बताया कि गेट ऑफ यूनिटी के जरिए यह संदेश भी होगा कि प्राकृतिक वेस्ट मैटेरियल से बहुत कुछ किया जा सकता है।





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