राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. शहर के विविध विधाओं के रचनात्मक सृजनकर्ताआें की संस्था 'टखमणÓ की स्वर्ण जयन्ती के उपलक्ष्य में पश्चिम क्षेत्र संास्कृतिक केन्द्र, ललित कला अकादमी, नई दिल्ली, केन्द्रीय संास्कृतिक मंत्रालय, राजस्थान ललित कला अकादमी जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'इंटरनेशनल मल्टीमीडिया आर्ट सिम्पोजियमÓ का समापन शनिवार अपराह्न ३ बजे होगा।
टखमण के नसीम अहमद ने बताया कि पिछले १२ दिनों से अंबांमाता स्थित संस्था प्रांगण में देश-विदेश के 50 से अधिक आधुनिक चित्रकारों सहित मार्बल, वुडन, टेराकोटा के 20 मूर्ति शिल्पकारों ने एक मंच पर आकर प्रस्तर शिल्प सहित विविध आयामों में कलाकृतियां तैयार की। इस दौरान कला के अन्य विधाओं पर भी विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किए गए। जिनमें शहर के अनेक नवोदित कलाकारों को नामचीन कलाकारों संग विषय आधारित जानकारियां साझा करने का सुअवसर मिला।
लुभा रही इन पाषाण शिल्पियों की कृतियां
बारह दिवसीय शिविर के दौरान उदयपुर सहित सिरोही, भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, बड़ौदा, भोपाल, दिल्ली और मुंबई से आए संदीप पालीवाल (ट्राइबल) पंकज गहलोत (रिलेशन विद् ह्यूमन एंड नेचर) सीपी चौधर (गवरी) गोवर्धन सिंह पंवार (लेबर) डॉ. बिन्दू जोशी (पिकॉक) कृष्णा पडि़या (लोटस) डॉ. मर्यादा हिंगड़ (इकतारा) अभिषेक शर्मा (मदर एंड चाइल्ड) सचिन दाधिच (फोरगेट गेम) शैलेश शर्मा (सिलाई मशीन) रोकेश सिंह (एंटिक) हिमांशु अग्निहोत्री (योगाकृति) पुष्पांक त्रिवेदी (ट्राइबल) अमित सिंह (राजस्थानी पगड़ी) भूपत डूडी (ट्रेडिशनल) जया विवेक (विरासत) कला प्रेमियों सहित आमजन के आकर्षण का केंद्र बनी। इनके अलावा स्थानीय और देश सहित विदेश के पचास से ज्यादा सृजनकारों ने अपनी चित्राकृतियां बनाईं।
सचिव आर के शर्मा ने बताया कि समापन शनिवार अवसर पर सिंघल ग्रुप के संजय सिंघल व पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र निदेशक फुरकान खान सहित अनेक कलाप्रेमी उपस्थित रहेंगे।





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