ऑनलाइन का क्रेज : चार करोड़ तक पहुंची शॉपिंग
सीकर. जिले में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज दिवाली से ठीक पहले इस कदर बढ़ चुका है कि यहां प्रतिदिन करीब दस लाख रुपए का सामान लोगों के घरों में पहुंच रहा है। कपड़े, मोबाइल हों या इलेक्ट्रोनिक आइटम, हर कोई इन्हें ऑनलाइन ही लेना पसंद कर रहा है। जानकारों के मुताबिक दिवाली से पहले विभिन्न ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से अभी तक जिले के लोग करीब चार करोड़ रुपए से अधिक की खरीदारी कर चुके हैं। दीपावली तक यह आंकड़ा पांच करोड़ तक पहुंच सकता है।
लेकिन...समस्या भी
उधर ऑनलाइन शॉपिंग में लोगों को कुछ परेशानी भी उठानी पड़ रही है। मसलन साइट्स पर दिखने वाले कपड़ों का रंग कुछ अलग होना, साइज में फिट नहीं बैठना, समान खराब या टूटा हुआ आ जाना। इसके अलावा मोबाइल या टीवी सरीखे इलेक्ट्रोनिक उत्पाद की खराबी पर स्थानीय सर्विस सेंटर उन्हें सुधारने से मना कर देते हैं। हालांकि कुछ कंपनी उन्हें वापस भी ले लेती हैं।
स्पेशल डील पर खरीद भी डबल
फेस्टिव सीजन में विभिन्न शॉपिंग साइट्स की ओर से जारी स्पेशल डील के दिन तो खरीद दो गुना तक हो रही है। डील डे पर 12 से 14 लाख रुपए तक का समान जिले में खरीदा जा रहा है। हालांकि ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग के भरोसेमंद साइड से ही खरीदारी कर रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए सैकड़ों साइड उपलब्ध हैं। जिनमें से ज्यादतार लोग करीब 100 साइड्स के बारे में ही जानते हैं। इन 100 साइट्स में से भी लोग स्नेप डील, फ्लिपकार्ट व अमेजोन शॉपिंग साइड्स पर सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक 60 से 70 फीसदी शॉपिंग इन्हीं साइट्स से हो रही है।
हर महीने पहुंच रहे 3 हजार मोबाइल
ऑनलाइन शॉपिंग में लोगों का सबसे ज्यादा जोर कपड़े, मोबाइल व फुट वियर पर है। कुरीयर के काम से जुड़े रमेश ने बताया कि जिले में हर महीने करीब चार से पांच हजार मोबाइल की ऑनलाइन शॉपिंग हो रही है। इसी तरह करीब दो सौ से ढाई सौ पैकेट तक कपड़े और इतने ही फुटवियर जिले में पहुंच रहे हैं। इनके अलावा भी घरेलू साज-सज्जा व अन्य इलेक्ट्रोनिक आइटम भारी मात्रा में खरीदे जा रहे हैं।पैसा और समय की बचत ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज समान का सस्ता मिलने व समय की बचत होने के कारण बढ़ रहा है। लोगों को बाजार के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। केश ऑन डिलीवरी पर उन्हें घर बैठे ही हर समान मुहैया हो जाता है।
गृहिणियों ने भी शुरू किया कारोबार
ऑन लाइन शॉपिंग का कारोबार शहर में कई ग्रहणियों ने भी शुरू कर दिया है। विभिन्न साइड्स पर यह ग्रहणियां खरीदारी कर सामान ऑन लाइन मंगवाती है। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से इन सामान की बिक्री कर देती है। यह कारोबार भी शहर में फलफूल रहा है। हालांकि इसमे सर्वाधिक खरीदारी कपड़ों की हो रही है।





No comments:
Post a Comment