सिरोही/मण्डार. जिले का रेवदर विधानसभा क्षेत्र। जिले का ये विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जिले में कृषि क्षेत्र में अग्रणी माना जाने वाले इस क्षेत्र में किसान आज भी उपज बेचने के लिए गुजरात पर निर्भर है। हालांकि, किसानों की मांग पर सरकार की ओर से कभी कभार मूंगफली केन्द्र खोलकर इतिश्री कर ली जाती है, लेकिन क्षेत्र में कृषि मंडी के विकास को लेकर कोई खास पहल नहीं की गई। ऐसे में यहां के हालात जस के तस ही नजर आ रहे हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा के जगसीराम कोली विधायक चुने गए। कोली यहां से लगातार तीसरी बार चुनाव जीते। पिछले 15 साल में यहां विकास कार्य तो हुए, लेकिन अधिकांश वादे धरे रह गए। किसानों को कोल्ड स्टोरेज, धान व सब्जी मंडी के अभाव में उपज को लेकर गुजरात की मंडियों में जाना पड़ता है। क्षेत्र में शिक्षा का भी हाल बेहतर नहीं है।
पत्रिका टीम जब मंडार बस स्टैंड पहुंची तो वहां बदहाली नजर आई। इसके बाद कस्बे की ओर बढ़े तो सड़कें भी बदहाली बयां कर रही थी। फिर बाजार में एक चाय की थड़ी पर बैठे और चुनाव की बात छेड़ी तो एक बुजुर्ग बोले- 'भाया आपारे कांई लेणो-देणो वोट ती...।Ó बात को थोड़ा आगे बढ़ाया तो बोले 'नेता वोट लेवण री टैम तो घणा ई वादा करै, पण पछै कोई पूछवा ई कोणी आवै..अठे हॉस्पीटल रै मायने डॉक्टर ई पूरा कोणी..इण वास्ते इलाज कराने गुजरात जावणो पड़े।Ó
दूध उत्पादन में अग्रणी पर पशुपालकों के लिए सुविधा नहीं
दूध उत्पादन में भी रेवदर क्षेत्र जिले में अग्रणी है। लेकिन पशुपालकों के लिए सरकारी स्तर की कोईखास सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां गांव और कस्बों में पशु चिकित्सा केन्द्र तो बने हुए हैं, लेकिन अधिकांश में कार्मिक तक नहीं है। हाल यह हैकि कईपशु चिकित्सा केन्द्रों पर ताले लटक रहे हैं। इसके अलावा दूध की बिक्री को लेकर भी उचित सुविधा नहीं है। ऐसे में पशु पालकों को दूध भी गुजरात की डेयरियों में भेजना पड़ता है।
वर्ष 2013 के चुनाव का परिणाम
78818 भाजपा- जगसीराम कोली
46574 कांग्रेस- लखमाराम कोली
जीत का अंतर- 32244
बजरी का अवैध खनन
प्रदेश में बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक है। लेकिन यहां बेरोक-टोक बजरी का खनन हो रहा है। बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रोलियां दिनभर दौड़ते नजर आते हैं।
जगसीराम बनाम लखमाराम
क्षेत्र से विधायक जगसीराम कोली है। वे क्षेत्र में सक्रिय रहे। इतना ही नहीं इनकी छवि मिलनसार के रूप में है। इसी तरह पिछले चुनाव में प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस प्रत्याशी लखमाराम कोली जनता के बीच कोई खास सक्रिय नजर नहीं आए। हालांकि कुछेक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति जरूर नजर आती है, लेकिन विपक्ष के तौर पर कोई भूमिका सामने नहीं आई।
ये प्रमुख समस्याएं
कोल्ड स्टोरेज, सब्जी व धान मंडी
समय पर सरकार की ओर से खरीद केन्द्र नहीं खोलना
बिजली व पेयजल विभाग में कर्मियों की भारी कमी
गोचर व बिलानाम भूमि में अतिक्रमण
गांवों में बस सुविधा का भारी अभाव
कस्बे व गांवों में नालियों का अभाव
दूध डेयरी व पशु चिकित्सकों की कमी
शिक्षा व चिकित्सा सुविधा का अभाव
जनता की जुबानी
पिछले चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी कोली ने जीतने व भाजपा की सरकार बनने पर किसानों के लिए सब्जी व धान मंडी बनाने का वादा किया था। लेकिन सरकार बनने के बाद विधायक की ओर से कोई प्रयास नहीं किए गए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए गुजरात जाना पड़ता है।
-सवाराम चौधरी, किसान सोरड़ा
पिछले चुनाव के दौरान कई घोषणा की गई थी। लेकिन सरकार ने क्षेत्र में कोई खास कार्य नहीं करवाए। युवाओं को रोजगार देने में सरकार नाकाम रही है। क्षेत्र में पशु चिकित्सकों की भारी कमी है। पशुपालकों को मवेशियों का उपचार करवाने के लिए गुजरात से चिकित्सक बुलाने पड़ते हैं।
-अजाराम चौधरी, किसान, मंडार
...और यहां मजदूरी के लिए पलायन
क्षेत्र में पादर-भटाणा में एससी व एसटी वर्ग के अधिकांश लोगों के पास कृषि भूमि नहीं है। वहीं इन लोगों के पास रोजगार का भी कोईजरिया नहीं है। ऐसे में इन लोगों को मजदूरी के लिए गुजरात का पलायन करना पड़ता है। ऐसे में यहां के युवा गुजरात की तम्बाकू फैक्ट्रियों में कार्य करने को मजबूर है। यहां के लोगों से बातचीत की तो बताया कि पूर्व में भील जाति के लोग बबूल की झाडिय़ों से कोयला बनाकर उसकी आमदनी से परिवार का पालन-पोषण करते थे। लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते कोयला का कार्य बंद करना पड़ा। ऐसे में कईपरिवार यहां से पलायन कर गुजरात जाकर बस गए। वहीं कई परिवारों के युवा मजदूरी के लिए गुजरात जाते हैं।





No comments:
Post a Comment