ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति मार्गशीर्ष 16 शक संवत् 1940 मार्गशीर्ष कृष्ण अमावस्या शुक्रवार, विक्रम संवत् 2075 सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 22, रवि उल्लावल 28 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 07 दिसंबर सन् 2018 ई०।
राहुकाल अपराह्न 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। चतुर्दशी तिथि मध्याह्न 12 बजकर 12 मिनट तक उपरांत अमावस्या तिथि का आरंभ, अनुराधा नक्षत्र अगले दिन तड़के 4 बजकर 36 मिनट तक उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र का आरंभ।
आज के मुहर्त- आज के दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत करने से बचना चाहिए।
सुकर्मा योग रात्रि 9 बजकर 37 मिनट तक उपरांत धृतिमान योग का आरंभ, शकुनि करण मध्याह्न 12 बजकर 12 मिनट तक उपरांत नाग करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा। आज ही देवीका स्नान (जम्मू) मेला पुरमण्डल, बुध मार्गी अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 51 मिनट, अमावस्या (पितृकार्येषु)
आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (नो, या, यी, यू, ये) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से सशक्त होंगे। प्रायः समस्त सुखों का भोग करेंगे। बातें जल्द प्रकट करने वाले तथा अच्छी धनसंपदा के मालिक होंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





No comments:
Post a Comment