ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति मार्गशीर्ष 18 शक संवत् 1940 मार्गशीर्ष शुक्ल द्वितीया, रविवार, विक्रम संवत् 2075 सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 24, रवि उल्सानी 01 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 09 दिसंबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, हेमंत ऋतु। राहुकाल सायं 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक।
द्वितीया तिथि अपराह्न 3 बजकर 41 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ, मूल नक्षत्र प्रातः 8 बजकर 8 मिनट तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ, गण्डयोग रात्रि 9 बजकर 12 मिनट तक वृद्धि योग का आरंभ, कौलव करण अपराह्न 3 बजकर 41 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में यज्ञोपवीत संस्कार करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चन्द्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा। आज ही रवि उल्सानी (मुस्लिम) मास प्रारंभ, गण्डमूल प्रातः 8 बजकर 8 मिनट तक।
आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (भी, भू, ध, फ, ढ) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से कृषकाय होंगे। ऐसे जातक भौतिकजीवनशैली के प्रति सजग रहेंगे। प्रायः तकनीकी कला के विषेषज्ञ होंगे। पारिवारिक जीवन शांत एवं सुखी रहेगा।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





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