बीकानेर. उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में अब इलेक्ट्रिक ट्रेनें भी दौडऩे लगी हैं। हाल ही बीकानेर मंडल के सिरसा-बठिण्डा रेल मार्ग पर विद्युतीकृत लाइन का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ८५ ट्रैक किमी तक सिरसा से बठिण्डा के लिए ट्रेन चलाकर पैरामीटर का निरीक्षण किया गया। वापसी में बठिण्डा से सिरसा तक 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दस कोच की स्पेशल ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन से जोड़कर दौड़ाई गई।
इस ट्रेन में मुख्य संरक्षा आयुक्त सुशील चंद्रा, मुख्य योजना निदेशक एचसी मीणा व मुख्य विद्युत इंजीनियर आरकेअतोलिया, मंडल रेल प्रबंधक अनिल कुमार दुबे, विद्युत शाखा के वरिष्ठ मंडल इंजीनियर राजेन्द्र चौधरी सहित रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौजूद रही।
यहां चल रहा काम
बीकानेर मंडल के रेवाड़ी से सादुलपुर के बीच 150 किमी तक विद्युतीकरण का काम प्रस्तावित है। इसको लेकर फाउण्डेशन बनाने का कार्य चल रहा है। वर्ष 2016 में बीकानेर मंडल में विद्युतीकरण का काम शुरू हुआ था, इसका अलग-अलग चरणों में काम चल रहा है। अगले साल फरवरी में हनुमानगढ़ से सूरतगढ़ के बीच में काम शुरू हो जाएगा। साथ ही बठिण्डा-हनुमानगढ़ के बीच भी विद्युतीकरण का काम चलेगा। रेवाड़ी से बीकानेर मंडल के कौसली स्टेशन तक डबल लाइन पर ट्रैक रूट पर 65 किमी इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण किया जा चुका है। साथ ही रेवाड़ी-हिसार तक काम हो चुका है। वहीं रोहतक, भिवानी, हिसार में इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।
मंडल में होगा विद्युतीकरण
'लगभग सभी स्टेशनों से इलेक्ट्रिक इंजन से ही ट्रेनों का संचालन किए जाने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए दो साल में लगभग काम हो जाएगा। इसके बाद महानगरों की तर्ज पर यहां पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी।
जितेन्द्र मीणा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, बीकानेर





No comments:
Post a Comment