मारवाड़ जंक्शन। राजकीय चिकित्सालय में आपातकालीन मरीजों के आवागमन के लिए एकमात्र सहारा 108 पांच वर्ष से कंडम हालत में ही उपयोग की जा रही है। विभागीय उदासीनता के चलते कई बार 108 का वाहन बीच राह में ठप हो जाता है और मरीजों को आपात अवस्था में भी दूसरे वाहन को ले जाना पड़ता है। निकटवर्ती गुड़ा सूरसिंह से बर्न पेंशेट 65 वर्षीय पतासी देवी को 108 वाहन से मारवाड़ जंक्शन लाते समय चेलावास तथा कारोलियों की प्याऊ पर 108 के पहिए थम गए। बर्न पीड़ा से जूझती महिला को अन्य वाहन मंगवाकर चिकित्सालय भेजना पड़ा। 108 के पायलट राजकुमार का कहना है कि वाहन नाकारा तथा कंडम अवस्था में है। कई बार वाहन बीच राह में धोखा देता है।
न लाइट, न ही संसाधन
वाहन में रात के समय पेशेंट चेक करने के लिए न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही काटन, बेंडेज, गलब्स आदि की सुविधा। इससे ईएमटी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगेन्द्र सिंह गुर्जर, जिला सचिव कांग्रेस का कहना है कि 108 को लेकर विभाग व जन प्रतिनिधि गंभीर ही नहीं रहे। इसको लेकर मांग उठाई जाएगी एवं वाहन बदलने की पुरजोर कोशिश करेंगे। 108 पायलट तथा वाहन ईएमटी के भुगतान में भी अनियमितता बरती जा रही है। वाहन में कार्यरत ईएमटी तथा वाहन पायलट के भुगतान में ठेका कम्पनी द्वारा अनियिमितता बरती जा रही है। नियमानुसार ईएमटी तथा पायलट को बारह घंटे 13 दिन ड्यूटी का प्रावधान है, लेकिन कम्पनी 15 दिन ड्यूटी करवाती है। इसकी पुष्टि उपस्थिति रजिस्टर तथा सैलेरी स्लीप से हो रही है।
हादसे में पति की मौत, पत्नी घायल
सोजत। थाना क्षेत्र के रेंदड़ी मार्ग स्थित पुल के ऊपर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दम्पती व बालिका गंभीर घायल हो गए। उपचार के दौरान पति का दम टूट गया। शव सोजत चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। सूचना पर सोजत पुलिस मौके पर पहुंची व परिजनों को इत्तला दी। पुलिस ने बताया कि चावण्डिया सबलपुरा निवासी भगवतसिंह (26) पुत्र अभयसिंह राजपूत, उसकी पत्नी आशा (23) व ढाई वर्षीय पुत्री पूनम बाइक पर सवार होकर
गांव से पाली जा रहे थे। अज्ञात वाहन ने बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे में तीनों घायल हो गए। घायलों को सोजत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां भगवतसिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। उसकी पत्नी आशा को रैफर किया गया है। बाइक चालक भगवत सिंह के सिर पर हेलमेट नहीं था। ऐसे में हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोटें आई। चालक के सिर में गंभीर चोटे आई। हेलमेट पहना होता तो चालक की जान बच सकती थी।





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