जयपुर। राफेल मुद्दे पर जहां भाजपा कांग्रेस पर निशाना साध रही है और भाजपा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों समेत प्रमुख नेता देश के 70 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा रहे हैं, वहीं इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले में कई ट्वीट किए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि आज सरकार पत्रकार वार्ताओं से 'झूठ की फैक्ट्री' चालू करेगी। सुरजेवाला ने राजस्थान में शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ट्विटर पर लगातार 12 ट्वीट किए हैं और सरकार पर 11 सवाल दागे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि राफेल घोटाले में भ्रष्टाचार छिपाने के लिए आज मोदी सरकार पत्रकार वार्ताओं से एक नयी 'झूठ की फैक्ट्री' चालू करेगी। इसे कहते हैं - 'पहले चोरी, फिर सीना जोरी।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी चुनौती है कि भाजपा के नेता आज इन 11 सवालों का जवाब दें।
सवाल 1- राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का आधार CAG रिपोर्ट है (Para 25) पर CAG ने तो कोई रिपोर्ट दी ही नहीं? न ही CAG रिपोर्ट संसद में पेश हुई और न ही PAC में। फिर सुप्रीम कोर्ट के साथ इतना बड़ा Fraud क्यों?
सवाल 2- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का दूसरा आधार- रिलायंस कंपनी का साल 2012 से ही डसॉल्ट एवीएशन से समझौता चला आ रहा था। (Para 32) पर रिलायंस डिफेन्स लिमिटेड का तो गठन ही 28th मार्च 2015 को हुआ। फिर सुप्रीम कोर्ट को ये गलत तथ्य दे, बरगलाया क्यों ?
सवाल 3- SC निर्णय का तीसरा आधार-राष्ट्रपति, श्री ओलांद का खुलासा गलत कि मोदी सरकार ने ठेका रिलायंस को दिलाया जबकि इसे दोनों पक्षों ने नकार दिया पर श्री ओलांद ने 21/9/18 को अपना बयान दोहराया। 27/9/18 को श्री मैक्रों ने कहा-वो ओलांद की बात खारिज नहीं कर सकते। फिर SC से छल क्यों?
सवाल 4- SC निर्णय का चौथा आधार-सरकारी कंपनी HAL का राफेल ठेके से कोई सरोकार नहीं (Para 32) पर HAL व डसॉल्ट का समझौता 13/3/2014 को हो चुका था 25/3/2015 को डसॉल्ट CEO ने बेंगलुरु में इसकी पुष्टि की 8/4/2015 को विदेश सचिव ने HAL-डसॉल्ट के समझौते को माना फिर कोर्ट से धोखा क्यों?
सवाल 5- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पांचवा आधार-वादी ने कहा कि फ्रांस द्वारा Sovereign Guarantee न दे मात्र Letter of Comfort दिया गया।(Para 20) पर SC ने इसपर कोई फैसला नहीं दिया। 9/12/2015 व 23/8/2016 का कानून मंत्रालय का विरोध SC को दिखाया ही नहीं। कोर्ट से क्यों छिपाया?
सवाल 6
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) December 17, 2018
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का छठा आधार-रक्षा ख़रीद समिति(DAC) की अनुमति के साथ 10/4/2015 को 36 राफ़ेल ख़रीद की घोषणा हुई(Para 3)
पर DAC की बैठक तो 13/5/2015 को हुई जहां 36 राफ़ेल खरीदने का निर्णय हुआ।फिर मोदीजी ने 1 महीना पहले फैसला कैसे लिया?
फिर SC को गुमराह क्यों किया? pic.twitter.com/3bWruedSeY
सवाल 6- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का छठा आधार-रक्षा खरीद समिति(DAC) की अनुमति के साथ 10/4/2015 को 36 राफेल खरीद की घोषणा हुई(Para 3) पर DAC की बैठक तो 13/5/2015 को हुई जहां 36 राफेल खरीदने का निर्णय हुआ। फिर मोदीजी ने 1 महीना पहले फैसला कैसे लिया? फिर SC को गुमराह क्यों किया?
सवाल 7- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सातवां आधार-36 राफ़ेल ख़रीद सौदा 23/9/2016 को हुआ पर श्री ओलांद के 21/9/2018 के खुलासे से पहले किसी ने विरोध नहीं किया (Para 23) पर कांग्रेस ने इस घोटाले का भंडा फोड़ 23/5/2015 को ही कर दिया था। फिर सरकार ने SC को सच क्यों नहीं बताया ?
सवाल 8- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का आंठवा आधार-वायुसेना प्रमुख ने राफेल की कीमत बताने पर ऐतराज जताया (Para 25) पर वायुसेना प्रमुख ने तो कोर्ट आये और न ही कोई शपथ पत्र दाखिल किया। वायुसेना अधिकारियों से कीमत बारे कोई सवाल अदालत में नहीं पूछा गया। फिर कोर्ट को क्यों भटकाया ?
सवाल 9 सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का नौवां आधार-126 राफेल की बजाय मात्र 36 राफेल खरीदने का निर्णय मोदी सरकार का नीतिगत फैसला है (Para 22) पर वायुसेना की 126 जहाजों की जरूरत खारिज कर मनमर्जी से 36 जहाज खरीद राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता है। फिर SC को औचित्य क्यों नहीं बताया?
सवाल 10- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का दसवां आधार-रक्षा खरीद प्रणाली DPP-2013 के मुताबिक बगैर सरकारी हस्तक्षेप के डसॉल्ट Offset Partner चुन सकती थी (Para33) पर DPP-2013 में इस शर्त को 5/8/2015 को ही जोड़ा गया,जबकि राफेल खरीद की घोषणा 10/4/2015 को हुई थी। SC से विश्वासघात क्यों?
सवाल 11- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का ग्यारहवां आधार-मोदी सरकार ने कहा कि 36 राफेल की कीमत फायदेमंद सौदा है (Para 26) पर कांग्रेस जो एक राफेल 526Cr में खरीद रही थी, वो मोदीजी ने 1670 Cr प्रति जहाज खरीदा। देश को 41,205 Cr का चूना लगा ! फिर कोर्ट को सच क्यों नहीं बताया?





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