अलवर। अलवर जिले के तिजारा इलाके में गुरूवार को एक खेत पर से करीब 12 किलो गोमांस बरामद हुआ है। साथ ही 5-6 गोवंश की खाल भी पुलिस ने बरामद की है। मामले में पुलिस ने अरंडका गांव से एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है।
आपको बताते चलें कि अगस्त में भी अलवर के बडबरा रोड स्थित एक मकान में 40 किलो गोमांस व गाय की खाल मिली थी। घटना के विरोध में मेव समाज के प्रमुख लोगों की ईदगाह मैदान में बैठक हुई, जिसमें घटना की निंदा की गई थी। उधर, मामले में दूसरे दिन पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपित सकील पुत्र खलील कसाई को जालूकी के समीप से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार तीनों महिलाओं कबरी, भूरी व सजीना को मंगलवार को लक्ष्मणगढ़ न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मेव समाज ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
उधर, मामले में मंगलवार को मेव समाज के प्रमुख लोगों की ईदगाह मैदान में पंचायत हुई, जिसमें घटना की निंदा की गई। पंचायत में आजाद खान ने कहा कि हमारा क्षेत्र आपसी भाईचारे वाला क्षेत्र है। यहां दूसरे धर्म की आस्था को चोट पहुंचाने वाली घटनाएं निंदनीय हैं। पंचायत में आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की गई। बाद में मेव समाज ने तहसीलदार हवा सिंह को ज्ञापन सौंप ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की। इस मौके पर सरपंच तैयब खान मजीद खान, पूर्व सरपंच हुरमत खा ,इस्लाम खान, पंस सदस्य हनीफ खां, समसुद्दीन ,उमर खान इशाक, शेर मोहम्मद आदि मौजूद थे।
घर से भी टॉफियों की आड़ में बेचते थे मांस
सकील ने अपने घर के बाहर एक लकड़ी का खोखा भी रखा हुआ था, जिस पर दिखावे के लिए उसने बच्चों की टॉफियां आदि रखी हुई थी, जबकि हकीकत ये थी कि वह और उसकी मां टॉफियों की आड़ में खोखे से भी गोमांस बेचते थे। आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि सकील के घर पर रात्रि में बाइक व गाडिय़ां आती थी, जिनसे कई बार मांस भी उतारा जाता था। इस दौरान मांस की बदबू दूर तक आती थी। लोगों ने बताया कि कई बार मांस बेचने को लेकर उनकी सकील व उसके परिजनों से कहासुनी भी हुई, लेकिन उन्होंने मांस बेचना बंद नहीं किया।





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