अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. जिले में सामने आए एड्स के एक मामले ने चिकित्सा महकमें की नींद उड़ा दी है। यहां के राजकीय आरके चिकित्सालय में 17 नवम्बर को देवगढ़ क्षेत्र का एक ऐसा बच्चा आईसीटीसी में एड्स दवा के लिए नामांकित हुआ है, जिसकी उम्र महज १२ वर्ष है। माता-पिता दोनों निगेटिव हैं। पिता का आरोप है कि वर्ष 2009 में वह बीमार हुआ था, तब उसे राजकीय आरके चिकित्सालय में २ यूनिट रक्त चढ़ाया गया था, उसके कुछ दिन बाद से ही वह बीमार चल रहा है। पीडि़त के पिता ने बताया कि १५ नवम्बर को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में उसका १२ वर्षीय पुत्र एड्स पॉजिटिव पाया गया। इस पर पिता ने स्वयं तथा पत्नी व दूसरे पुत्र की भी जांच करवाई, जिसमें तीनों निगेटिव आए। रिपोर्ट मिलने के बाद वह 17 नवम्बर को दवा के लिए राजसमंद के आईसीटीसी केंद्र में रजिस्टर्ड किया गया।
2009 में पड़ा बीमार
पिता का आरोप है कि वर्ष 2009 में उसका पुत्र बीमार हुआ। इलाज के लिए उसे राजकीय आरके चिकित्सालय लाए। यहां उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। उपचार के बाद वह बच्चे को लेकर घर चले गए। कुछ दिन बाद से ही बच्चा बीमार पडऩे लगा, कई चिकित्सकों से उपचार करवाया, लेकिन स्थाई लाभ नहीं मिला। अब बच्चे के शरीर पर बड़े-बड़े फफोले पड़ गए हैं। इस पर चिकित्सकों ने एड्स जांच की सलाह दी। जांच करवाने पर बच्चा पॉजिटिव निकला, इस पर उनके होश उड़ गए तथा उन्होंने अपने पूरे परिवार की जांच करवाई, जिसमें अन्य सभी तीन सदस्य निगेटिव पाए गए।
बारीकी से होती है जांच...
ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता। क्योंकि रक्त लेने से पूर्व जांच होती है, फिर किसी को ब्लड चढ़ाने से पूर्व गहन जांच होती है। इसलिए ऐसी गलती नहीं हो सकती। बच्चे को एड्स होने के अन्य कारण हो सकते हैं।
डॉ. महावीर मीणा, ब्लड बैंक प्रभारी, राजकीय आरके जिला चिकित्सालय, राजसमंद
बच्चे की स्क्रीनिंग उदयपुर में हुई है। हमारे पास दवा लेने के लिए आए थे, माता-पिता दोनों रिपोर्ट के आधार पर निगेटिव हैं। हमने बच्चे को आईसीटीसी से जोडक़र दवा देनी शुरू कर दी है।
दिलीप शर्मा, परामर्शदाता, आईसीटीसी, राजकीय आरके चिकित्सालय, राजसमंद
हमारे पास एड्स के करीब 1200 मामले नामांकित हैं, उसमें बच्चे भी हैं। लेकिन पहला ऐसा बच्चा है, जिसके माता-पिता निगेटिव हैं और बच्चा पॉजिटिव है। बच्चे को एड्स कहां से मिला है, यह कहना मुश्किल है।
मोतीलाल देवड़ा, अध्यक्ष, नेटवर्क फॉर पीपुल लिविंग विथ एचआईवी संस्थान, राजसमंद





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