अलवर के पूर्व सीएमएचओ डॉ पंकज गुप्ता ने आज अलवर एसीबी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरोपी पंकज डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले 19 माह से फरार चल रहा था। भ्रप्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 2017 ने स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम को रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। उसने बताया कि डॉ पंकज गुप्ता के कहने पर उसने पैसे लिए हंै। उसके बाद से ही पंकज गुप्ता फरार चल रहा था।
डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार अलवर के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नभेन्द्र सिंह भाटी को रंगे हाथों पकडऩे के बाद पुलिस को पूर्व मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज गुप्ता की तलाश थी। पुलिस ने सीएमएचओ की गिरफ्तारी के लिए अन्य कई शहरों में दबिश दी। लेकिन वो पुलिस का हाथ नहीं आया। उल्टा पंकज गुप्ता एसीबी और पुलिस को फेसबुक पर पोस्ट डालकर खुले आम चुनौती दे रहा था।
हाईकोर्ट ने पंकज गुप्ता को निचली अदालत में सरेंडर करने के आदेश दिए। उसके बाद भी वो पेश नहीं हुआ। दरसअल स्वास्थ्य विभाग के कुछ उच्च अधिकारी उसको बचने में लगे हुए थे। लेकिन सरकार के बदलते ही पंकज गुप्ता ने अलवर एसीबी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। हालांकि अभी तक कोर्ट का फैसला आने बाकी है कि कोर्ट पंकज को एसीबी को सौंपेगी या कुछ और फैसला सुनाएगी।





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