सीकर.
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के बाद सीकर जिले के फतेहपुर व नीमकाथाना विधायकों को सरकारी तिजोरी में पैसा मिलेगा। जबकि छह विधायकों की झोली अप्रेल तक खाली रहेगी। सबसे ज्यादा पैसा फिलहाल फतेहपुर विधायक हाकम अली के कोटे में एक करोड़ रुपए है। जबकि नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी के खाते में लगभग दस लाख रुपए है।
जबकि सीकर, खंडेला, दांतारामगढ, लक्ष्मणगढ़, श्रीमाधोपुर व धोद विधायक ने अपना कोटा आचार संहिता से पहले ही खर्च कर दिया था। ऐसे में अब जिन विधायकों के पास अभी पैसा नहीं है उनको फिलहाल अप्रेल तक महीने इंतजार है। ऐसे में विधायक अब सरकार की योजनाओं के जरिए ही अपने क्षेत्र में विकास कार्य करा सकेंगे। फतेहपुर विधायक के बचे हुए पैसों का उपयोग अब वर्तमान विधायक कर सकेंगे।
फतेहपुर की तिजोरी में ऐसे बच गए एक करोड़
फतेहपुर के तत्कालीन विधायक नंदकिशोर महरिया ने शुरूआती सालों में काफी तेजी से अपने कोटे का बजट खर्च किया। लेकिन आखिरी साल आते-आते गति धीमी हो गई। आखिर में विधायक को उम्मीद थी कि आचार संहिता 12 सितम्बर तक लगेगी। लेकिन आचार संहिता पहले ही लग गई। ऐसे में उनके कोटे के एक करोड़ रुपए बच गए। अब यह राशि वर्तमान विधायक हाकम अली खर्च करेंगे।
बदले हुए नियमों से फायदा
पहले विधायक कोटे का बजट सरकार बदलने के साथ ही समाप्त हो जाता था। लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार ने विधायक कोटे में यह बदलाव किया था कि शेष राशि का उपयोग उस क्षेत्र का विधायक कर सकेगा। इसके बाद पिछली सरकार में चुनकर आए विधायकों को भी फायदा हुआ था। इस बार भी क्षेत्र के दो विधायकों को फायदा मिलना तय है।
सीईओ ने आखिरी समय में नहीं दी स्वीकृति
आचार संहिता लगने के बाद फतेहपुर सहित कई विधायकों ने अपने कोटे से स्वीकृति की फाइल भिजवाई थी। लेकिन जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आचार संहिता का तर्क देते हुए विधायक कोटे की स्वीकृति रोक दी थी। ऐसे में यह कार्य अटक गए थे।
सांसद कोटा: दस लाख के भरोसे
सांसद सुमेधानंद सरस्वती भी अपने कोटे का ज्यादातर पैसा विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले ही खर्च कर चुके है। अब उनके कोटे में महज दस लाख रुपए शेष है। इसके अलावा 25 लाख से अधिक राशि के प्रोजेक्ट तकनीकी जांच में अटके हुए है। यदि यह कार्य रद्द होते है उनको कोटे का पैसा थोड़ा बढ़ जाएगा।





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