ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति मार्गशीर्ष 29 शक संवत् 1940 मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी बृहस्पतिवार विक्रम संवत 2075 सौर पौष मास प्रविष्टे 05, रवि उल्सानी 12 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 20 दिसंबर सन् 2018 ई०।
दक्षिणायण दक्षिण गोल, हेमंत ऋतु। राहुकाल अपराह्न 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। त्रयोदशी तिथि अगले दिन 4 बजकर 35 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ, कृतिका नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 3 बजकर 4 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में नये व्यवसायिक वाहन खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त है।
सिद्ध योग सायं 7 बजकर 25 मिनट तक उपरांत साध्य योग का आरंभ, कौलव करण सायं 5 बजकर 31 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा प्रातः 9 बजकर 59 मिनट तक मेष उपरांत वृष राशि पर संचार करेगा। आज ही प्रदोष व्रत, अन्नदा त्रयोदशी व्रत।
आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चो के नाम (ओ, वा, वी, वू, वे, वो) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से मध्यम होंगे। ऐसे जातक सौन्दर्य प्रेमी व विलासी होंगे। जीवन में समाज सुधार का काम जरूर करेंगे। प्रायः सर्वगुण संपन्न व प्रचुर धन संपदा के मालिक होंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





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