नई दिल्ली। 2018 खत्म होने को है, लेकिन यह साल चुनाव पर पूरी तरह समर्पित रहा। इस साल बड़ी-बड़ी सियासी उथल पुथल देखने को मिली, जिसमें सबसे खास रहा खत्म होने के कगार पर आ चुकी कांग्रेस को साल के अंत में मिली जीत। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में से कांग्रेस ने भाजपा शासित तीन राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि उसकी नाव अभी डूबी नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को मिली इस जीत को साल 2019 के लोकसभा चुनावा से देख कर जोड़ा जा रहा है। लेकिन साल की शुरुआत की बात करते तो ऐसा लग रहा था त्रिपुरा और मेघालय में मिली जीत से बीजेपी के विजय रथ को कोई भी रोक नहीं पाएंगा। आई जानते हैं कहां किस राजनीतिक पार्टी ने किसको मात दी और सत्ता में आई ...
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव
त्रिपुरा में इस साल 18 फरवरी 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे। राज्य के 60 सीटों में से 59 पर चुनाव हुए, जिसमें 36 सीटे हासिल कर लेफ्ट का 25 साल का किला ढहा दिया। वहीं, माणिक सरकार के ईमानदार और सबसे गरीब मुख्यमंत्री की छवि को पीछे छोड़ 9 मार्च 2018 को त्रिपुरा के दसवें मुख्यमंत्री के रूप में बिप्लब कुमार देब ने पदभार संभाला।
मेघालय विधानसभा चुनाव
मेघालय विधानसभा चुनाव में भले ही बीजेपी पूरी तरह सत्ता में ना आई हो लेकिन 2 विधायकों के साथ सरकार में शामिल जरूर है। 60 सीटों में से 59 पर हुए चुनाव में राज्य में नैशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व में मेघालय की सरकार बनी। एनपीपी के अध्यक्ष कोनराड संगमा को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था। बता दें कि इससे पहले यहां कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार थी।
नागालैंड विघानसभा चुनाव
इस साल 27 फरवरी नागालैंड विधानसभा चुनाव हुए थे। राज्य में 60 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीडीपी) ने जीत का स्वाद चखते हुए सरकार बनाई और सत्तासीन नागा पीपल्स फ्रंट सरकार को मुंह की खानी पड़ी। बता दें कि इस चुनाव में एनडीडीपी और बीजेपी ने गठबंधन कर रखी थी।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव
यहां से कांग्रेस की जीत का सिलसिला शुरू हुआ। कर्नाटक में इस साल 12 मई 2018 को 224 में से 222 सीटों पर विधानसभा चुनाव हुए। यहां पहले से ही कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन ऐसा लग रहा था की लगातार विजय रथ पर सवार बीजेपी यहां भी कमल खिला सकती है। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 15 मई 2018 को घोषित हुए चुनाव परिणामों में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। यहां बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, कांग्रेस 78 सीट जीत पाने में ही सफल रही। बाद में राज्य में गठबंधन कर जेडीएस-कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाया और राज्य की कमान एसडी कुमारास्वामी को सौंपी गई।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव
28 नवंबर 2018 को मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दशकों से काबिज बीजेपी की सत्ता को हिलाते हए जीत हासिल की। राज्य में 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए, जिसमें से 114 सीटों पर कांग्रेस और 109 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की और अंत में कांग्रेस ने बीजेपी का किला ढहाते हुए राज्य में सरकार बनाई और वरिष्ट नेता कमलनात को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी।
राजस्थान विधानसभा चुनाव
कांग्रेस की विजय राजस्थान में भी देखने को मिली। पांच साल बाद एक बार फिर राजस्थान में सत्ता परिवर्तन हुआ और वसुंधरा राजे की सरकार को करारी हार देते हुए कांग्रेस ने यहां भी सरकार बनाई। 200 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी यहां महज 73 सीटों ही हासिल कर पाई। वहीं कांग्रेस ने 99 सीटें हासिल की। कांग्रेस ने अन्य पार्टियों के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई और असोक गहलोत को राज्य का मुक्यमंत्री और सचिन पायलट को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव
दो राज्यों में जीत हालित करने के साथ कांग्रेस ने भी छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी को हराया। यहां की 90 सीटों में कांग्रेस 68 सीटों पर जीत दर्ज की और बीजेपी महज 15 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस ने काफी माथा पच्ची के बाद भूपेश बघेल को नया मुख्यमंत्री बनाया।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव
वहीं, तेलंगाान विधानसभा चुनान में क्षेत्रिय पार्टी का दबदबा देखने को मिला। राज्य की तेलंगाना राष्ट्र समिति ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की। 119 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में टीआरएस को सबसे ज्यादा 88 सीटें मिली। टीआरएस ने सूबे में चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में एक बार फिर से सरकार बनाई।
मिजोरम विधानसभा चुनाव
मिजोरम में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। पूर्वत्तर में मात्र मिजोरम में ही बच्ची कांग्रेस को यहां सत्ता गवांनी पड़ी। राज्य में 40 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में मिज़ो नेशनल फ्रंट को 26 सीटें हासिल कर सरकार बनाई। जोरामथांगा को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया गया।





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