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वर्ष 2019 में कुआंरों के लिए विवाह के ढेरों मुहूर्त, गुरु वृहस्पति खुद की राशि में होने से विवाह में नहीं आएगी रुकावटें

जोधपुर. सूर्य धनु राशि में प्रवेश के साथ ही 16 दिसम्बर को सुबह 9.07 बजे से मळमास शुरू हो जाएगा। एक माह तक सूर्य धनु राशि में रहने के दौरान सभी तरह के शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। शास्त्रों के अनुसार मळमास में दान-तीर्थ स्नान व नाम जप का अनंतगुणा फल बताया गया हैं। पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि 14 जनवरी 2019 को शाम 7.50 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके चलते 15 जनवरी 2019 को सुबह पुण्यकाल होगा। एक माह बाद पुन: शुभ कार्य 15 जनवरी सुबह से आरंभ हो जाएंगे। मळमास के दौरान गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, विवाह आदि सभी तरह के मांगलिक कार्य टालने का विधान बताया गया हैं। पं. ओमदत्त ने बताया कि सूर्य जब गुरु की राशि में होता है तो दान, भक्ति और ज्ञान व धार्मिक अनुष्ठान किए जाते है। मळमास दान, ज्ञान-भक्ति अर्जन के लिए उत्तम माना गया है।

नए साल का पहला 10 रेखी सावा 17 को
पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि 14 जनवरी 2019 को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मांगलिक कार्य का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। वर्ष 2019 में विवाह के प्रमुख कारक गुरु वृहस्पति खुद की राशि और मित्र राशि में होने के कारण वैवाहिक आयोजनों में किसी तरह की कोई रूकावट नहीं होने से सावों की धूम रहेगी। नए साल 2019 का प्रथम सावा 17 जनवरी को रोहिणी नक्षत्र के योग के साथ अद्र्धरात्रि में 10 रेखी सावा होने से विवाह समारोह की धूम रहेगी। हालांकि 15 जनवरी 2019 को दिन का सावा है। इसके बाद 22 और 25 जनवरी को 9 रेखी सावा, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को 9 रेखी सावा तथा 29 जनवरी 8 रेखी सावा होगा। फरवरी 2019 में 8,9 व 10 फरवरी को सावों की धूम रहेगी। अबूझ सावे के रूप में मान्य बसंत पंचमी का सावा 9 फरवरी को होगा। इसके अलावा मार्च, अप्रेल, मई में भी श्रेष्ठ मुहूर्त के कारण सावों की धूम रहेगी।



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