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आज का पंचांग 22 दिसंबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति पौष 01, शक संवत् 1940 मार्गशीर्ष शुक्ला पूर्णिमा शनिवार विक्रम संवत् 2075। सौर पौष मास प्रविष्टे 07, रवि उल्सानी 14 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 22 दिसम्बर सन् 2018 ई०। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु।

राहुकाल प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। पूर्णिमा तिथि रात्रि 11 बजकर 19 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ, मृगशिरा नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 15 मिनट तक उपरांत आद्रा नक्षत्र का आरंभ, शुभ योग अपराह्न 1 बजे तक उपरांत शुक्ल योग का आरंभ, विष्टि करण मध्याह्न 12 बजकर 44 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में नये व्यवसायिक वाहन खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त है।

सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु। राहुकाल प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। पूर्णिमा तिथि रात्रि 11 बजकर 19 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ, मृगशिरा नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 15 मिनट तक उपरांत आद्रा नक्षत्र का आरंभ, शुभ योग अपराह्न 1 बजे तक उपरांत शुक्ल योग का आरंभ, विष्टि करण मध्याह्न 12 बजकर 44 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ।

आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (वो, का, की, कु, घ) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से सामान्य होंगे। प्रायः स्वकार्य में सुदक्ष व चंचल होंगे। इनकी न्यायायिक शैली अद्भूत रहेगी। अल्पव्यवहारी, नेतृत्व क्षमता में माहिर व परोपकारी भी होंगे।

पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।



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