सीकर/ राजस्थान के सीकर जिले ने सर्दी के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया इतिहास कायम किया है। यह पहला मौका होगा जब दिसम्बर में 12 दिन तक पारा माइनस में रहा है। इससे पूर्व वर्ष 2014 में दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में तापमान माइनस में दर्ज हुआ था। आज यानी गुरुवार को भी तापमान माइनस 2.2 दर्ज हुआ है। जिससे जिला आज भी जम सा गया है। मौसम विभाग की माने तो सर्दी का कहर लगातार जारी रहेगा। ऐसे में शेखावाटी शीतलहर की चपेट में रहेगी और रात में सर्दी का कफ्र्यू जैसे हालात बने रहेंगे। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञ ओपी कालश के अनुसार भौगोलिक स्थिति में बदलाव के कारण फतेहपुर ने चूरू जिले को भी पीछे छोड़ दिया है। चूरू तेज सर्दी और तेज गर्मी के लिए प्रदेश में पहचाना जाता है। जमाव बिन्दू से नीचे इस तापमान के कारण जिले भर में लोगों की कंपकपी छूट गई। हवा में आद्र्रता 99 प्रतिशत तक पहुंचने से मौसम में सर्वाधिक आद्र्रता दर्ज की गई। बतादें कि फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर बुधवार को न्यूनतम तापमान माइनस 2.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री दर्ज किया गया। चूरू में भी तापमान शून्य डिग्री तक दर्ज किया गया।
इसलिए चूरू से ठंडा फतेहपुर
फतेहपुर की देशांतरीय स्थिति दक्षिण में है और हिमालय क्षेत्र से आने वाली शीतलहर सीधे जिले में आती है। हालांकि गंगानगर, हनुमानगढ़ जिला इन हवाओं के बीच आता है लेकिन इन क्षेत्रों में आद्र्रता ज्यादा होने के कारण शीतलहर का प्रकोप नहीं रहता है। यही कारण है कि शुष्कता के कारण फतेहपुर प्रदेश में सबसे सर्द रहा है। मौसम केन्द्र के अनुसार सीकर जिले के अधिकांश कस्बों की बसावट अपेक्षाकृत निचले इलाके में है। वहीं भूमि की ऊष्मा ग्रहण करने की क्षमता भी गिरी है। इस कारण फतेहपुर इलाका दिसम्बर माह में प्रदेश में सबसे सर्द रहा है।
खेतों में किसान, घरों में बच्चे- बुजुर्ग परेशान
सर्दी का सबसे ज्यादा असर बच्चें व बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कड़ाके की सर्दी में सुबह नौ बजे तक बच्चें व बुजुर्ग रजाई से बाहर नहीं आ सकते है, वहीं दिनभर गर्म कपड़ों का सहारा लेते हैं। सूर्य अस्त होने के साथ ही वापस बिस्तरों में पहुंच जाते है।





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