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किसान कर्जमाफी : अलवर के 3 लाख 14 हजार 486 किसानों ने ले रखा है इतने हजार करोड़ का कर्ज, जानिए किसानों पर किस बैंक का कितना कर्ज है

अलवर. प्रदेश की नई सरकार के सामने सोमवार से कर्जमाफी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री ने शपथ ले ली है। चुनावी वादे के अनुसार 10 दिन में कर्ज माफ करना है। अकेले अलवर जिले के 3 लाख 14 हजार 486 किसानों पर 28 सरकारी व निजी बैंकों का 4 हजार 107 करोड़ रुपया कर्ज है। किसानों के बीच यही सबसे अधिक चर्चा का विषय है कि सरकार कितना कर्ज माफ करती है। अकेले अलवर जिले के किसानों का 4107 करोड़ रुपया कर्ज है तो प्रदेश भर के किसानों का कर्ज बहुत बड़ा है।

औसत कर्ज 1 लाख 30 हजार रुपए का

जिले के किसानों पर औसत कर्ज करीब 1 लाख 30 हजार रुपए है। हजारों किसानों ने एक लाख से कम कर्ज ले रखा है तो बड़ी संख्या में ऐसे किसान भी हैं जिन पर एक लाख से अधिक बैंकों का ऋण है। यदि सरकार सभी किसानों का दो लाख तक का ऋण भी माफ करती है तो अकेले अलवर जिले से करीब 3 हजार करोड़ रुपए का ऋण माफ करना पड़ेगा। एक लाख रुपए तक का ऋण माफ होता है तो करीब दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ करना पड़ेगा। अब देखना यह है कि सरकार का निर्णय क्या होता है।

किसानों पर किस बैंक का कितना कर्ज

एसबीआई 791 करोड़, इलाबाद बैंक 23 करोड़, आंध्रा बैंक 4.3 करोड़, बैंक ऑफ बडौदा 34 करोड़, केनरा बैंक 50 करोड़, सीबीआई 26 करोड़, कॉर्पोरेशन बैंक 16 करोड़, देना 14 करोड़, आईओबी 18 करोड़, ओबीसी 97 करोड़, पीएनबी 1201 करोड़, सिंडिकेट बैंक 7 करोड़, यूको बैं 36 करोड़, यूनियन 19 करोड़, यूनाइटेड बैंक 3 करोड़, विजया बैंक 16 करोड़, एचडीएफसी बैंक 131 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक 78 करोड़, यश बैंक 10 करोड़, बीआरकेजीबी 1002 करोड़, एसीसीबी 385 करोड़ रुपए केसीसी ऋण है।

आगे लोकसभा चुनाव का दबाव

नई सरकार पर चुनावी वादा पूरा करने का दबाव है। आगे लोकसभा चुनाव हैं। जिसके कारण सरकार पर किसानों का कर्ज माफ करने का दवाब है। हालांकि पिछली भाजपा सरकार ने सहकारी बैंकों से लिया हुआ किसानों का 50 हजार रुपए तक का कर्ज माफ किया है। हालांकि कर्ज माफी का पैसा अभी तक बैंकों को नहीं मिला है। जिसके कारण यह भी माना जा रहा है कि किसानों का पूरा कर्ज माफ कर पाना मुश्किल है। सरकर का खजाना खाली है और किसानों पर हजारों करोड़ रुपए का कर्जा है।

बैंक अधिकारी डर रहे, प्रक्रिया शुरू

बैंकों के अधिकारियों को इस बात का डर है कि सरकार के पास खजाने में कुछ नहीं है और हजारों करोड़ रुपया कर्ज माफ करने की बातें हो रही हैं। हालांकि सरकार ने बैंकों से यह जानकरी मांग ली है कि किसानों पर बैंकवार कितना कर्ज है। इस रिकॉर्ड के आधार पर कर्ज माफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विभाग के स्तर पर किसानों के ऋण से सम्बंधित मांगी गई जानकारी भिजवा दी गई है। ऋण माफी को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं है। यह सरकार के स्तर पर होना है।
एमएल गुर्जर, प्रबंध निदेशक, दी अलवर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक अलवर



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