शहर के जेल चौराहे के निकट पेट्रोल पम्प के सामने गुरुवार सडक़ हादसे में स्कूटी सवार मां-बेटी की मौत हो गई। हादसे से गुस्साए आसपास के लोगों ने शुक्रवार सुबह तिजारा फाटक ओवरब्रिज के समीप जाम लगा दिया। सडक़ पर डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग को लेकर लोगों ने तीन घंटे जाम लगाकर रखा। जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा शीघ्र डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर बनवाने के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला। शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मार्ग पर मिट्टी के कट्टे लगाकर अस्थायी डिवाइडर बनवाना शुरू कर दिया।
तिजारा फाटक ओवरब्रिज से जेल चौराहे की तरफ आने वाले मार्ग पर पेट्रोल पम्प के सामने गुरुवार देर शाम रोडवेज बस ने स्कूटी सवार मां-बेटी को कुचल दिया। हादसे में अपनाघर शालीमार निवासी शिक्षिका अनिता सांखला और उनकी बेटी बैंक क्लर्क नेहा सांखला की मौत हो गई। हादसे के विरोध में शुक्रवार सुबह स्थानीय महिला और पुरुषों ने सडक़ पर डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग को लेकर तिजारा फाटक ओवरब्रिज के समीप जाम लगा दिया। जिससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। जाम की सूचना मिलते ही शिवाजी पार्क थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। लोगों ने प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर बुलवाने की बात को लेकर अड़े रहे। कुछ ही देर में शहर विधायक संजय शर्मा, सीओ सिटी डॉ. प्रियंका रघुवंशी और कांग्रेस नेता श्वेता सैनी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद तहसीलदार, पीडब्ल्यूडी के एसई एनएल मीना और एईएन राजेन्द्र शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि के मार्ग पर शीघ्र डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर बनवाने के आश्वासन के बाद लोग सडक़ पर से हटे। इसके बाद मार्ग पर आवागमन शुरू हो सका।
60 मीटर की रोड नहीं बनने से परेशानी
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि मार्ग पर बीच में करीब 60 मीटर का टुकड़ा छोड़ा हुआ है। जिस पर सडक़ नहीं बनाई गई है।
मिट्टी के कट्टे लगा डिवाइडर बनाया
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि तिजारा फाटक ओवरब्रिज से जेल चौराहा की तरफ आने वाले मार्ग पर शुक्रवार शाम से मिट्टी से भरे कट्टे रखवाकर अस्थायी डिवाइडर लगाने का काम शुरू किया गया है। शनिवार तक पूरे रोड पर अस्थायी डिवाइडर लगा दिया जाएगा। साथ ही डिवाइडर के बीच एक कट छोड़ा जाएगा। जिसके आसपास रोड के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएंगे। यदि इस व्यवस्था से मार्ग पर किसी प्रकार से यातायात बाधित नहीं होता है तो तीन-चार दिन बाद मार्ग पर स्थायी डिवाइडर बनवा दिया जाएगा।





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