नई दिल्ली । क्रिकेट में वैसे तो हर रोज ही नए रिकार्ड्स बनते और टूटते रहते हैं लेकिन कुछ ही रिकार्ड्स ऐसे होते हैं जो कभी भुलाये नहीं भूले जाते हैं । ख़ास कर रिकॉर्ड जब एक गेंदबाज बनाये तो वो खुद में थोड़ा ख़ास खुद बा खुद बन जाता है । एक ऐसे ही रिकॉर्ड का जिक्र हम करने वाले हैं जो आज के ही दिन करीब 60 साल पहले बना था। साल 1959 में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर थी। तब टीम की कमान रिची बेनो के हाथों में थी उनके नेतृत्व में टीम के हौसले बुलंद थे। तब कंगारू टीम ने एशेज सीरीज में इंग्लैंड का 4-0 से सफाया था और पाकिस्तान की धरती पर 2-0 से फतह के बाद भारत में भी उसने जीत के साथ शुरुआत की, जब दिल्ली टेस्ट में कंगारुओं ने भारत को पारी से हराया था उस समय भारत को घरेलू पिचों पर मजबूत टीम माना जाता था ।
40 साल तक कायम रहा रिकॉर्ड-
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे टेस्ट मैच का अगला मुकाबला कानपुर में खेला गया। पहले टेस्ट में हारने के बाद भारतीय टीम थोड़ी दबाव में थी। लेकिन 20 दिसंबर 1959 को ग्रीन पार्क पर जसु पटेल कुछ अलग ही योजना के साथ उतरे थे । इस स्पिन गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को खूब परेशान किया उनकी फिरकी ऐसी चली कि कंगारू उलझते चले गए। इनके अजीब एक्शन को लेकर भी बातें शुरू हो गई । उनके अजीब एक्शन के पीछे की कहानी भी काफी रोचक है । दरअसल, बचपन में पेड़ से गिरने से जसु का हाथ टूट गया था। इस वजह से ही उनका गेंदबाजी एक्शन कुछ 'अलग' था। ऑफ स्पिनर जसु ने ग्रीन पार्क पर एक-एक कर 9 शिकार किए और पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम 219 रनों पर सिमट गई। 35.5 ओवर, 16 मेडन, 69 रन, 9 विकेट के साथ जसु का भारत के टेस्ट इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी विश्लेषण रहा। उनका यह रिकॉर्ड अगले 40 साल तक कायम रहा।
जसु का रिकॉर्ड खुद में बड़ा अजब-
ऑस्ट्रेलिया टेस्ट में कमाल की गेंदबाजी करने वाले जसु के बारे में एक चीज बड़ी हैरान करने वाली यह है की उन्होंने कानपुर टेस्ट में उतारे जाने से पहले तीन साल में एक भी टेस्ट नहीं खेला था। तब 4 टेस्ट में 10 विकेट ही उनके खाते में थे। हालांकि जसु के लिए ऑस्ट्रेलिया सीरीज आखिरी भी साबित हुई। कानपुर टेस्ट के बाद वह बस दो और टेस्ट खेल पाएं। यानी 7 टेस्ट में कुल 29 विकेट उनके नाम रहे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कानपुर में जसु पटेल ने एक पारी में 9 विकेट चटकाए, जिनमें से उन्होंने 5 को बोल्ड किया, 2 एलबीडब्ल्यू किये और एक को खुद ही कैच किया। एक बल्लेबाज कीपर को कैच देकर चलता बना । भारत के दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाए। और इसके साथ ही उन्होंने जसु का रिकॉर्ड तोड़ दिया । पारी में 9 विकेट लेने की बात करें, तो जसु से पहले सुभाष गुप्ते ने 1958 में कानपुर में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ 9 विकेट तब उनका गेंदनाजी विश्लेषण (34.3-11-102-9) था।





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