नर्इ दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) 5 दिसंबर को होने वाले अपने आगामी मौद्रिक समीक्षा नीति बैठक में ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं करने को फैसला ले सकता है। आर्थिक मामलों के कर्इ जानकारों का मानना है कि अार्थिक वृद्धि स्थिर होने व मुद्रास्फिति में कमी आने के बाद केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं करने का फैसला ले सकता है। इसके पहले जून माह में होने वाली बैठक के बाद आरबीआर्इ ने एक बार फिर ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया है। अक्टूबर माह की बैठक में मौद्रिक नीति समिति ने सबको चौंकाते हुए एक बार आैर ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया था। अक्टूबर माह में डाॅलर के मुकाबले रुपए में गिरावट के बाद कर्इ आर्थिक जानकारों का मानना था कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव कर सकता है। 6 सदस्यीय मौद्रिक समीति ने 3 दिसंबर से गर्वनर उर्जित पटेल की अगुवार्इ में बैठक करेगी जो कि 5 दिसंबर तक चलेगी।
रुपए में आर्इ मजबूती
बैठक के मौद्रिक समीति अपना फैसला 5 दिसंबर को बताएगी। अक्टूबर माह में हुए बैठक के बाद डाॅलर के मुकाबले रुपए में तेजी देखने को मिली है। शुक्रवार को हुए कारोबार के बाद डाॅलर के मुकाबले रुपया 69.95 के स्तर पर है। साथ ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। कच्चे तेल का भाव 86 डाॅलर प्रति बैरल से घटकर 60 डाॅलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। हालांकि, भारत का आर्थिक रफ्तार सितंबर तिमाही में 7.1 फीसदी रहा है।
जुलार्इ-सितंबर अवधि के लिए जीडीपी पिछले तीन तिमाहियों में सबसे न्यूनतम रहा है। चालू वित्त वर्ष के पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा है। यह आंकड़ा अप्रैल माह मेें केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसआे) द्वारा जारी किया है। कोटक रिसर्च ने कहा है कि एमपीसी ने अपने अंतिम बैठक में अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 3.9-4.5 फीसदी मुद्रास्फिति रहने का अनुमान लगाया था।





No comments:
Post a Comment