झुंझुनूं।
राजस्थान में आए दिन नवजात को शिशुओं को मंदिर की सीढ़ियों, कचरा पात्रों, झाड़ियों या कोई अज्ञात जगह पर छोड़ जाने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। नवजातों में अधिकतर बालिकाएं ही होती हैं। ऐसी ही एक निर्मम घटना राजस्थान के झुंझुनूं जिले के घोड़ीवारा से सामने आई है।
जब पूरा जिला छह डिग्री के तापमान में ठिठुर रहा था, लोग रजाई में दुबके हुए थे, तभी रविवार देर रात करीब दो बजे नवजात मुकुंदगढ़ थाना इलाके में स्थित घोड़ीवारा बालाजी मंदिर के पास बिलख रही थी। उसे उसके अपने ही मंदिर की सीढियों पर छोड़ गए थे। कसूर उसका इतना था कि वह बेटी थी।
घटना की सूचना लोगों ने पुलिस और 108 एम्बुलेंस को देकर नवजात को झुंझुनूं के एक अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में नवजात चिकित्सक की देखरेख में है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ वीडी बाजिया उसका उपचार कर रहे हैं।
डॉ बाजिया का कहना है कि नवजात का जन्म 24 घंटे पहले हुआ है। जिले में तापमान कम होने की वजह से उसे सर्दी ने जकड़ लिया है। नवजात के रक्त का नमूना लिया है। नवजात को फिलहाल वार्मर पर रखा गया है। साथ ही स्थिति खतरे से बाहर है। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।





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