नई दिल्ली । 2018 महिला क्रिकेट वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले अच्छी बल्लेबाजी करने के बाद भी जब पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली तभी यह कयास लगने लगे थे कि टीम में सबकुछ ठीक नहीं । भारतीय क्रिकेट टीम यह मैच हार गई और इसके साथ ही उसका विश्व विजेता बनने का सपना अधूरा ही रह गया । मिताली पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रमेश पोवार ने टी20 विश्व कप में बल्लेबाज़ी क्रम को लेकर संन्यास की धमकी देने और टीम में अव्यवस्था फैलाने आरोप लगाया था। इसके साथ ही मिताली को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल से पहले टीम से बाहर कर दिया गया था । भारतीय टीम मिताली के बिना सेमीफाइनल में उतरी और उन्हें हार का सामना करना पड़ा । इस पकरण में अब एक नया मोड़ सामने आया है ।
आज खत्म हुआ पोवार का अंतरिम कार्यकाल-
पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने इससे पहले पोवार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे । मिताली ने बताया था कि पोवार उन्हें बर्बाद करना चाहते थे । मिताली ने ट्विट किया था कि ‘मैं इन आरोपों से बहुत दुखी और आहत हूं। खेल के प्रति मेरी प्रतिबद्धता और देश के लिए 20 साल खेलने के दौरान मेरी मेहनत, पसीना सब बेकार गया।’ आपको बता दें कोच पोवार ने टी20 विश्व कप पर अपनी रिपोर्ट में टूर्नामेंट के दौरान उनके रवैये पर सवाल उठाए थे । आपको बता दें कि 40 वर्षीय पोवार का अंतरिम कार्यकाल आज समाप्त हो गया है । मिताली और कोच रमेश पोवार के बीच के इस विवाद ने भारतीय महिला क्रिकेट को झकझोर कर रख दिया है। इसके बाद ही रमेश पोवार के कोच के रूप में कार्यकाल को बढ़ाने के ऊपर सवाल खड़े हो गए थे ।
बीसीसीआई ने आमंत्रित किये आवेदन-
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि बोर्ड महिला क्रिकेट टीम के प्रमुख कोच पद के लिए इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करेगा। टीम के मौजूदा कोच रमेश पोवार का कार्यकाल आज कई खट्टी यादों के साथ खत्म हो गया । पूर्व भारतीय कोच कोच तुषार अरोठे के इस्तीफे के बाद पोवार को टीम का अंतरिम कोच पद भार दिया गया था। फिर 40 साल के पोवार को 30 नवंबर 2018 तक पूर्ण रूप से टीम की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी । बोर्ड के कई वरिष्ठ अधिकारी कई कारणों से रमेश पोवार से नाराज थे। इन कारणों में सबसे ऊपर यह है कि पोवार ने टी20 वर्ल्डकप के महत्वपूर्ण मैच में मिताली को बाहर बिठाने का फैसला लिया था जिसका दुष्परिणाम भारतीय टीम को भुगतना पड़ा । सूत्रों के अनुसार आखिर लीग मैचों में दो लगातार अर्धशतक बनाने और मैन ऑफ द मैच चुने जाने के बावजूद मिताली राज को सेमीफाइनल मुकाबले में ड्रॉप करने का फैसला और उसके बाद मिताली द्वारा लगाए गंभीर आरोपों का ही परिणाम पोवार को भुगतना पड़ा है ।





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