Breaking News
recent

अब नहीं माता-पिता के बोल 'पत्थर की लकीर

कोटा. माता पिता ने रिश्ता तलाशा और बात पक्की कर दी। जैसे पत्थर की लकीर। न बेटे की ना होगी न बिटिया माता पिता के निर्णय को ठुकराएगी। वक्त के साथ विवाह को लेकर भी युवाओं के नजररिए में बदलाव आ रहा है और वे अपने सपने अपने नजरिए से बुन रहे हैं। सुंदर व आकर्षक जीवन साथी तो चाहिए ही साथ ही सैफ जोन में रहने के लिए आर्थिक रूप से मजबूत साथी की भी दरकार है। युवा सिर्फ कमाई को ही नहीं देख रहे भावी जीवन साथी की शिक्षा को भी देख रहे हैं। युवा पीढ़ी के विभिन्न नजरियों को लेकर किए गए एक शोध में यह बातें निकलकर सामने आई है। बंधन में क्षेत्रवाद को किसी ने जगह नहीं दी। कोटा की राजकीय कला कन्या महाविद्यालय में समाज शास्त्र की व्याख्याता ज्योति सिडाना द्वारा विभिन्न बिंदुओं को लेकर किए गए शोध में युवाओं को लेकर कई नई बातें सामने आईं हैं।
इस तरह से किया सर्वेज्योति ने विभिन्न स्थानों के 100 से अधिक युवाओं से बात की है। इनमें युवक भी हैं और युवतियां भी है। इनमें कोटा के अलावा जयपुर, मुंबई,हरियाणा, जबलपुर समेत अन्य शहरों के युवक व युवतियां शामिल हैं।सिडाना ने इनसे विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर निष्कर्ष निकाले हैं।

इस तरह आए नतीजे

44.54 फीसदी युवाओं ने उच्च शिक्षित जीवन साथी की चाहत बताई। 39.09 फीसदी ने माना कि जीवन साथीआर्थिक रूप से भी मजबूत हो, ताकि सुख दुख में जीवन को आसानी से पूरा किया जा सके। आवश्यकताएं पूरी हो सके। करीब 19.09 फीसदी ने अपनी पसंद के अनुरूप जॉब वाले जीवन साथी को महत्वपूर्ण बताया। सामूहिकता के मूल्यों में विश्वास रखने वाले 10.90 प्रतिशत युवा हैं।

विवाह के तरीके पर यह अंदाज
सर्वे के मुताबिक 47.28 फीसदी युवा लव कम अरेंज्ड विवाह के पक्ष में हैं,16.37 प्रेम.विवाह को पसंद करते हैं। 14.55 प्रतिशत लिव.इन.रिलेशनशिप,10.90प्रतिशत सामान रूप से कोर्ट मैरिज और परम्परागत अरेंज्ड विवाह के पक्ष में हैं।

आंकड़े ऐसे समझें आंकड़ों में

जीवन साथी चयन में प्राथमिकता युवा पीढ़ी प्रतिशत
जाति-10-9.09

धर्म-05-4.54
क्षेत्र-कोई प्राथमिकता नहीं

शिक्षा-49-44.54
जीवन साथी की आय-43-39.09

रोजगार की प्रकृति-21-19.09
व्यक्तित्व आकर्षण-34-30.90

सामूहिकता के मूल्य-12-10.90

यहां ऐसे बदलाव
विवाह प्रणाली युवा पीढ़ी, प्रतिशत

परम्परागत विवाह-12-10.90
लव कम अरेंज्ड-52-47.28

लिव इन रिलेशनशिप-16-14.55
कोर्ट मेरिज-12-10.90

प्रेमविवाह सह पलायन-18-16.37

यह निकाला निष्कर्ष

आज हर कोई सुविधा संपन्न जीवन जीना चाहता है इसलिए जीवन साथी के चयन में भी वे उसकी आय, शिक्षा, जॉब का स्वरुप इत्यादि को ही महत्व देते हैं ताकि जीवन में ज्यादा संघर्ष न करना पड़े और सरलता से सारी महत्वाकांक्षाओ को पूरा किया जा सके। अब पार्टनर की पसंद.नापसंद शौक या मानसिकता का लेवल जानना उतना महत्वपूर्ण नहीं रहा। संभवत: यह भी एक कारण हो सकता है जिसके कारण विवाह सम्बन्धों में दरार या टूटन महसूस की जा रही है।
जिस तरह से आंकड़े सामने आए हैं, स्पष्ट होता है कि जिस तरह से आज परिवार और विवाह संस्था चुनौती प्राप्त कर रही हैं। तलाक लेने या परस्पर सहमति से पृथक होने वालो की संख्या में वृद्धि हो रही है।

युवा अब लव.कम.अरेंज्ड विवाह की और बढ़ रहे हैं।उसी से विवाह करना पसंद करते हैं जिसे पहले से जानते हों और घर वालों की भी सहमति हो। तरफ परम्परागत अरेंज्ड विवाह के प्रति युवाओं का रुझान कम हो रहा है।- ज्योति सिडाना, असिस्टेंट प्रोफेसर, समाज शास्त्र, राजकीय कला कया महाविद्यालय

 



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.