श्रीकरणपुर के गांव नग्गी सीमा चौकी की घटना, ड्यूटी के दौरान राइफल से मारी गोली
श्रीकरणपुर. सीमावर्ती गांव नग्गी के निकट मोर्चे पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के एक सिपाही ने ड्यूटी के दौरान गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार दोपहर करीब एक बजे की है। गोली चलने पर खून से लथपथ सिपाही को तुरंत यहां के राजकीय चिकित्सालय लाया गया। लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव बीएसएफ अधिकारियों को सौंप दिया गया। बल के कंपनी कमांडर की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज की है। हादसे की सूचना मिलने पर 91 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल के उप समादेष्टा एमएस खींची, बल निरीक्षक (सामान्य) नगेन्द्र सिंह सहित बीएसएफ के कई अन्य अधिकारी वहां पहुंचे।
तमिलनाडु का रहने वाला था सिपाही
राजकीय चिकित्सालय में जांच के लिए पहुंचे एसआई राकेश स्वामी व एएसआई सतीश वधवा ने बताया कि 91 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल में नग्गी सीमा चौकी के कंपनी कमांडर महेशचंद्र पाण्डे की ओर से दी गई रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु के मदुरई जिले की अरसाडा तहसील के गांव बेथानियापुरम निवासी के.रामानाथन (40) पुत्र के.कन्हैया को शनिवार दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक कैंप गार्ड नियुक्त किया गया था। इस दौरान 12 बजकर 50 मिनट पर राइफल से खुद को गोली मार ली। राजकीय चिकित्सालय के डॉ.चरणजीतसिंह रौला ने बताया कि राइफल को ठोढी पर तानकर गोली मारी गई जो सिर को चीरती हुई निकली है। अत्याधिक रक्त स्त्राव होने से सिपाही की मौत हो गई।
चल रही थी समारोह की तैयारियां
गौरतलब है कि 28 दिसंबर नग्गी दिवस को लेकर सेना व सीमा सुरक्षा बल की ओर से काफी तैयारियां की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को यहां हाफ मैराथन का भी आयोजन किया जा रहा है। लेकिन छह दिवसीय कार्यक्रम शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हुई घटना से हर कोई स्तब्ध रह गया।





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