सादड़ी (पाली). रणकपुर-जवाई बांध महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार सुबह नेचर वॉक और म्यूजिकल योगा ने देसी-विदेशी सैलानियों का ध्यान खींचा तो सफारी के दौरान वन्यजीवों की अठखेलियों ने सभी का दिल जीत दिया। दोपहर बाद अश्व व ऊंट दौड़ के साथ ही कैमल पोलो प्रतियोगिता हुई। यहां विभिन्न स्पद्र्धाओं में विजेता रहे प्रतियोगियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद देर शाम को एक बार फिर सूय मंदिर के मुक्ताकाशी मंच पर सांस्कृतिक सांझ सजी, जिसमें विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी लोक कला का लोहा मनवाया। हालांकि, इस बार भी विदेशी पावणों की संख्या कम ही रही। जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग व नगर पालिका मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रणकपुर महोत्सव में शनिवार सुबह म्यूजिकल योगा में आसन, प्राणायाम के साथ ही योगाभ्यास करवाया गया। इसके बाद कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य सादड़ी कार्यालय एसीएफ याघवेंद्रसिंह चुंडावत, अन्तरकंवर, ईश्वरसिंह विरमदेवसिंह सोनिगरा के सान्निध्य में जंगल सफारी करवाई गई। यहां एडीएम भागीरथ विश्नोई, पर्यटन उपनिदेशक सरिता, अनिल कुमार, देसूरी एसडीएम हंसमुख कुमार, तहसीलदार ईश्वरलाल खटीक, पालिकाध्यक्ष दिनेश मीणा, इओ महिपालसिंह, आर आई राजल राव, रणकपुर पेढ़ी जसराज गहलोत, विदेशी सैलानी योहान आदि मौजूद रहे।
अश्व व ऊं ट पोलो स्पद्र्धा देख हुए रोमांचित
इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर स्कूल खेल मैदान में एसडीएम हसमुख कुमार, पर्यटन विभाग के अजय शर्मा, डॉ. नथाराम, डॉ. परीक्षित पुरोहित, बस्तीमल भाटी, डॉ अजीतसिंह राव नारलाई के सान्निध्य में अश्व स्पद्र्धा और ऊंट पोलो प्रतिस्पद्र्धा हुई, जिसमें पोलो खिलाड़ी विनय मेवाड़ा और देवासी गु्रप का रोमांचक मुकाबला हुआ। अश्व स्पद्र्धा में क्रमश: बेस्ट अश्व, शृंगारित अश्व, अश्व नृत्य, श्रेष्ठ बछड़ा-बछड़ी, बॉल एन्ड बकेट, अश्व परेड, घुड़ दौड़ स्पद्र्धाएं हुई। इन स्पद्र्धाओं में इस्तिव पाइपर आस्ट्रेलिया, इंग्रिड हाकिन्स आस्ट्रेलिया, सबरीना जर्मनी, हेन्स अर्जेंटीना ने हॉर्स इंडिया की टीम से खेलकर उम्दा प्रदर्शन किया। विनय मेवाड़ा, प्रतीक, आनन्द भंडारी, रणजीतसिंह बाली ने टीम गोडवाड़ से उम्दा प्रदर्शन दिया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सूर्य मंदिर के मुक्ताकाशी रंगमंच पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की शृंखला में राजेंद्र परिहार ने शहनाई वादन, उम्मेदराम बाड़मेर ने लाल आंगी गेर नृत्य, जयपुर के बनवारीलाल जाट ने कच्छी घोड़ी नृत्य, अंग्रेजसिंह ने मशक वादन, अहमदाबाद के मौलिक शाह ने श्याम रंग अनेक, नितिन दवे ने घूमर और रास गरबा नृत्य, बाड़मेर के सवाई खान ने रजवाड़ी गायन, लीलादेवी ने तेरहताली नृत्य के साथ अप्पनाथ कालबेलिया जोधपुर ने भी उम्दा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इससे पहले सूर्य मंदिर पुजारी महेश शर्मा ने भगवान सूर्य नारायण का आंगी शृंगार किया।
‘गोडवाड़ श्री’ स्पद्र्धा नहीं होने से हुए निराश
महोत्सव दौरान पर्यटन विभाग ने ऐनवक्त पर मूंछ का ताव और गोडवाड़ श्री स्पद्र्धा रद्द कर दी, जिससे कई प्रतियोगी निराश लौटे। रामसिंह ओर गंगाराम सोजत ने नाराजगी जताई।
समारोह में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सिविल जज अंकित दवे, पशुपालन विभाग के डॉ. चक्रधारी, एसीएफ याघवेंद्रसिंह चुंडावत, डॉ. राजेन्द्र पुनमिया, सुरेशपुरी गोस्वामी, राजस्व निरीक्षक इरफान बेग, गोविंदसिंह चम्पावत, बस्तीमल भाटी, एइओ महिपालसिंह सोलंकी, किशन चौधरी, नरपतसिंह चांदराई, रज्जब अली खान, रणकपुर पेढ़ी से जसराज गहलोत आदि मौजूद रहे।





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