सीकर. जिले में मरीजों के साथ लापरवाही को लेकर अब चिकित्सकों के बाद पेथोलॉजी लैब संचालकों की लापरवाही भी सामने आ रही है। ऐसा ही वाकया शहर के एक निजी अस्पताल के आइसीयू में भर्ती मरीज के खून की जांच में सामने आया। वाकए के अनुसार मरीज एक, पैथोलॉजी लैब तीन। तीनो की रिपोर्ट में ब्लड ग्रुप अलग-अलग। सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन हकीकत है। जिले में निर्धारित योग्यता के बिना संचालित लैब आए दिन मरीजों के साथ ऐसा जानलेवा खिलवाड़ कर रही है। इन लैब में जांच की रिपोर्ट के आधार पर इलाज करवाने पर मरीज की जान कभी भी जा सकती है। इधर चिकित्सा विभाग भी इन लैब पर नियंत्रण करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो
रहा है।
यह है मामला
लक्ष्मणगढ़ निवासी 17 वर्षीया गायत्री को सीवियर एनिमिया के कारण निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। निजी अस्पताल ने गायत्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन यूनिट ब्लड चढ़ाने की जरूरत बताई। इस पर परिजन भागे और उन्होंने श्रमदान मार्ग पर एक निजी लेब में खून की जांच कराई। जांच में गायत्री का ब्लड ग्रुप एबी पॉजीटिव बताया। इसके बाद ब्लड लेने के लिए स्टेशन रोड स्थित निजी ब्लड बैंक में गए तो उन्होंने क्रॉसमेच में ब्लड ग्रुप ए पॉजीटिव बताया। दोनों रिपोर्ट में अंतर देखकर चिकित्सक सहित परिजनों के होश उड़ गए। बाद में परिजनों ने फिर जांच करवाई और ब्लड चढ़ाया। फिलहाल मरीज की स्थिति में सुधार है।
आधा घंटे तक उपचार नहीं मिलने पर घायल की मौत
खंडेला. ग्राम कोटड़ी लुहारवास में गुरुवारसुबह घर से दुकान जा रहे युवक को एक पिकअप चालक ने टक्करमार दी जिससे बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को कस्बे के राजकीय चिकित्सालय लाया गया जहां पर करीब आधे घंटे तक चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं मिला। परिजन चिकित्सकों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। आधे घंटे बाद पहुंचे चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और शव को सीएचसी के बाहर रखकर प्रदर्शन करने लगे। परिजन लापरवाह चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे। मामले को बढ़ता देख पुलिस भी पीएचसी पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश की। इसी बीच ग्रामीण व पुलिस के बीच भी झड़प हो गई। तहसीलदार अमीलाल यादव राजकीय चिकित्सालय पहुंचकर चिकित्सकों से मामले की जानकारी लेकर मृतक के परिजनों से समझाइश की पर परिजन नहीं माने और चिकित्सालय पर ताला जड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम भागीरथ शाख अस्पताल पहुंचे और लोगों से समझाकर सीएचसी का ताला खुलवाया और चिकित्सकों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद एसडीएम ने मृतक युवक के परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश की ओर दोषी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तो ग्रामीण माने और शव लेने को राजी हुए। मृतक दिनेश कुमार मिठारवाल का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।





No comments:
Post a Comment