Breaking News
recent

हाड़ौती में यूरिया के लिए मारामारी मची, नैनवां में भगदड़ में तीन किसान घायल

कोटा। प्रदेश में नई सरकार गठन के बाद भी यूरिया की किल्लत से किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। हाड़ौती में गुरुवार को भी यूरिया की लिए मारामारी मची रही। नैनवां में खाद का ट्रक आते ही भगदड़ मच गई है। इसमें तीन किसान घायल हो गए। पुलिस ने लाठियां फटकार कर किसानों को काबू में किया। समूचे संभाग में शहर से लेकर गांवों तक यूरिया के लिए किसानों की लम्बी कतारें लगी है। किसानों का अब धैर्य जवाब देने लग गया है। अब हाड़ौती में कानून व्यवस्था बिगडऩे की नौबत आ गई है। ऐहतियात के तौर पर अब पुलिस के पहरे में खाद का वितरण चालू कर दिया गया है। राशनिंग शुरू हो गई है। कोटा में किसानों को दो से पांच कट्टे तथा बूंदी में प्रत्येक किसान को एक ही कट्टा यूरिया दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष के ही विधायक आंदोलन पर उतर गए हैं। प्रदेश के सबसे बड़े यूरिया प्लांट चम्बल फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स लि. (सीएफसीएल) के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है।

कृषि विभाग के मुताबिक इस बार हाड़ौती रबी की फसलों के लिए करीब दो लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक करीब 1.45 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है। चुनाव के दौरान खाद की आपूर्ति गड़बड़ा गई थी। इस कारण खाद की किल्लत हो गई है। किसानों के भारी दबाव के बाद अब पन्द्रह दिन में ही 30 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया जा चुका है। अब भी किसानों को मांग के अनुरूप खाद नहीं मिलने रहा है। इस कारण किसान भारी गुस्सा है और आए दिन अधिकारियों को घेर रहे हैं। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद का वितरण हो रहा है। कोटा, बूंदी, बारां तथा झालावाड़ जिले में सभी जगह गुरुवार को किसानों की कतारें लगी रही। सहकारी समितियों पर आए दिन हंगामा हो रहा है। सहकारिता विभाग ने यूरिया को लेकर कानून व्यवस्था बिगडऩे की आशंका जताई है। वितरण के दौरान पुलिस जाप्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। उधर संभागीय आयुक्त के.सी. वर्मा ने बैठक बुलकार अधिकारियों को चौकसी बढऩे के निर्देश दिए हैं। सांगोद के नवनिर्वाचित विधायक भरतसिंह ने शनिवार को सीएफसीएल के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

 

kota news

कालाबाजारी, अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं

किल्लत के साथ ही हाड़ौती में यूरिया की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। कोटा, बारां तथा झालावाड़ जिले की सीमाओं से मध्यप्रदेश में यूरिया ब्लैक किया जा रहा है। दो दिन पहले किसानों ने कोटा में इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में यूरिया से भरे एक ट्रक को पकड़ा था। किसान संगठनों से इस बारे में संभागीय आयुक्त को शिकायत भी की है। सीमावती क्षेत्रों चेकपोस्ट कायम करने की मांग की है।

लापरवाही से खामियाजा

कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से यूरिया की डिमांड का सही आकलन नहीं करने के कारण यह संकट आया है। किसान परेशान है। सरकार को तत्काल आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। दशरथ कुमार किसान नेता

हाड़ौती में अब तक 1.45 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति हो चुकी है। बुधवार को आईपीएल की 2500 टन की रैक आ गई है। उसका वितरण शुरू हो गया है। सीएफसीएल से सड़क मार्ग से रोजाना दो हजार मीट्रिक टन यूरिया भेजा गया है। आगामी तीन-चार दिन में चार और रैक आ जाएगी। कोई किल्लत नहीं है।

डा. रामावतार शर्मा संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार खण्ड कोटा



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.